
छतरपुर। दर्शना महिला कल्याण समिति की लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना (टीआई परियोजना) के अंतर्गत ग्राम पंचायत विक्रमपुर में 3 जून 2025 को एक इंटीग्रेटिव हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का निरीक्षण मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति, भोपाल के अतिरिक्त परियोजना निदेशक (एडीपी) राजीव पांडे ने किया। कैंप में स्वास्थ्य सुविधाओं, दस्तावेजों और परियोजना की प्रगति की गहन जांच की गई।
कैंप का विवरण और निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान ओएसटी (ओपिओइड सब्स्टिट्यूशन थेरेपी) केंद्र के डॉ. अरुण कुमार जैन, परामर्शदाता अशोक कुशवाहा, डाटा मैनेजर सुनील गुप्ता और एएनएम के दस्तावेजों की जांच की गई। श्री राजीव पांडे ने पाई गई कमियों को सुधारने के निर्देश दिए। दर्शना महिला कल्याण समिति के परियोजना प्रबंधक अमर सिंह यादव को ओएसटी पंजीकरण और लॉस्ट-टू-फॉलो-अप (एलएफयू) गैप को पूरा करने की सलाह दी गई। उन्होंने ओएसटी क्लाइंट्स से दवा के लाभों पर चर्चा की और कैंप की कमियों को दूर करने के लिए सभी को निर्देशित किया। कैंप में डॉ. अरुण जैन ने 80 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाइयां वितरित कीं। आईसीटीसी काउंसलर प्रभात मिश्रा ने 35 लोगों की एचआईवी, सिफलिस, और हेपेटाइटिस बी व सी की जांच की। साथ ही, 15 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से दो लोगों के सैंपल एकत्र किए गए। डीएसआरसी के परामर्शदाता अखिलेश श्रीवास्तव ने भी कैंप में सहयोग दिया। कैंप में एचआरजी (हाई-रिस्क ग्रुप) की पॉजिटिविटी पर चर्चा हुई, और अधिक पॉजिटिविटी वाले क्षेत्रों में कैंप आयोजित करने का सुझाव दिया गया। कैंप में दिशा डापकू से राजीव आसाटी और अनिल महदेले उपस्थित रहे। दर्शना महिला कल्याण समिति से परियोजना प्रबंधक अमर सिंह यादव, लेखपाल देवेंद्र पटैरिया, काउंसलर संध्या द्विवेदी, आउटरीच वर्कर्स (ओआरडब्ल्यू) भारती सेन, रुबिया खातून, मेघराज अहिरवार, रागिनी अहिरवार, और पीयर वर्कर्स कीर्ति, फेमीदा, और रामबाई शामिल रहीं। इसके अलावा, सीएचओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, और आशा कार्यकर्ता ने भी सहयोग प्रदान किया।








