
मकोचिंग संस्थानों और खेलकूद गतिविधियों से जुड़े संस्थानों का सघन निरीक्षण शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये संस्थान शासन के नियमों और मानकों के अनुरूप संचालित हों, साथ ही महिलाओं के लिए सुरक्षित और समुचित सुविधाएं उपलब्ध हों।
पुलिस द्वारा किए जा रहे निरीक्षण में संस्थानों के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। प्राथमिक रूप से यह देखा जा रहा है कि संबंधित संस्थान शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। पार्किंग व्यवस्था की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि आसपास की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके अलावा, संस्थानों में महिला और पुरुष प्रशिक्षार्थियों के लिए पृथक सुविधाओं, जैसे अलग वॉशरूम, चेंजिंग रूम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता की जांच की जा रही है। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और उनसे फीडबैक भी प्राप्त किया। निरीक्षण के दौरान महिलाओं से पूछा गया कि वे संस्थान में सुरक्षित महसूस करती हैं या नहीं। साथ ही, आपात स्थिति में सहायता के लिए थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, बीट प्रभारी और पुलिस हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए। निरीक्षण के दौरान पुलिस ने संस्थानों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, उपस्थिति रजिस्टर, खुलने और बंद होने का समय, कोच, प्रशिक्षकों की जानकारी और प्रशिक्षार्थियों का विवरण भी जांचा। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी रिकॉर्ड पारदर्शी और अद्यतन हों।









