
छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता, बीएमओ, डॉक्टर और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कम प्रसव दर, कुपोषण और गर्भवती महिलाओं की निगरानी में लापरवाही पर सख्त निर्देश जारी किए।
कलेक्टर ने ग्राम कर्री, सीलोन और कुर्राहा में संस्थागत प्रसव की संख्या अत्यंत कम होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कुर्राहा को शीघ्र 108 एंबुलेंस सेवा से जोडऩे के निर्देश दिए। साथ ही, सभी बीएमओ को 7 दिन के भीतर अपने क्षेत्रों के डिलीवरी प्वाइंट्स का निरीक्षण कर प्रसव संख्या में कमी के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट सीएमएचओ के माध्यम से प्रस्तुत करने को कहा। पाथा ग्राम में होम डिलीवरी की बड़ी संख्या पर लवकुशनगर के बीएमओ को गांव का दौरा कर कारणों की जांच और संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमासिक के बाद पंजीकरण और एएनसी जांच न होने पर कलेक्टर ने आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, साथ ही कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सेवा से पृथक करने का आदेश दिया। कलेक्टर ने उच्च जोखिम गर्भावस्था के मामलों का डेटा सीडीपीओ के साथ साझा करने और हर माह 9 व 25 तारीख को निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जननी एक्सप्रेस और 108 एंबुलेंस सेवा की मिस्ड कॉल्स की समीक्षा कर प्रणालीगत समस्याओं की रिपोर्ट देने को कहा। जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना के भुगतान में लापरवाही पर बीएमओ गौरिहार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
मृत्युदर में कमी की सराहना
कलेक्टर ने स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में मृत्युदर 9.1 प्रतिशत से घटकर 3.41 प्रतिशत होने पर सराहना की और शून्य मृत्युदर का लक्ष्य निर्धारित किया। न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर की प्रगति में सुधार और 9-11 माह के बच्चों के टीकाकरण की सख्त निगरानी के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिलीवरी प्वाइंट्स के सतत संचालन और गर्भवती महिलाओं की निरंतर निगरानी पर विशेष बल दिया।
कुपोषण और पुनर्वास में लापरवाही पर कार्रवाई
लवकुशनगर में कुपोषित बच्चों के पुनर्वास में लापरवाही पर कलेक्टर ने बीएमओ और सीडीपीओ की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषित बच्चों को पुनर्वास केंद्र में भर्ती सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बड़ामलहरा, ईशानगर और लवकुशनगर की निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी गई।
पीपीआईयूसीडी में लापरवाही पर नोटिस
प्रसव के 48 घंटे के भीतर पीपीआईयूसीडी को बढ़ावा देने में शून्य प्रगति पर कलेक्टर ने बीएमओ धवाड़ और राजनगर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। लाभार्थियों, आशा कार्यकर्ताओं और स्टाफ नर्सों को इसके लिए प्रेरित करने को कहा।
स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा
कलेक्टर ने यू-विन पोर्टल, मिशन परिवार विकास, आयुष्मान भारत, गैर-संक्रमणीय रोगों की स्क्रीनिंग, मलेरिया नियंत्रण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अन्य योजनाओं की समीक्षा की। सभी अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन और जनता को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।








