
छतरपुर। कहा जाता है कि अक्षय तृतीया से ही इस सृष्टि की शुरूआत हुई थी। अक्षय तृतीया भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में भी जानी जाती है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय में सुबह से भगवान परशुराम की विशेष पूजा अर्चना हुई और अभिषेक किया गया। वहीं शाम को विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सजीव झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। रास्ते में जगह-जगह शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
जानकारी के मुुताबिक भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव के अवसर पर नारायणपुरा स्थित भगवान परशुराम के मंदिर में सुबह करीब साढ़े 9 बजे से अभिषेक और पूजा अर्चना का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद कन्या भोज कराया गया। वहीं रामचरित मानस मैदान में भगवान परशुराम की विशेष पूजा अर्चना की गई। शाम करीब 5 बजे डीजे, बैण्ड बाजे, घोड़े, बग्घी आदि से सुसज्जित विशाल शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा में भगवान भोलेनाथ सहित देवी-देवताओं की सजीव झांकी सजाई गईं। वहीं ब्राह्मण समाज के महापुरूषों की प्रतिमाएं भी शोभायात्रा में शामिल की गईं। ब्राह्मण समाज सहित सनातन धर्म प्रेमी बड़ी संख्या में इस अवसर पर शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। कहीं पुष्प वर्षा हुई तो कहीं तिलक लगाकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। गर्मी के कारण जगह-जगह शोभायात्रा में शामिल लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। सडक़ पर भी कई जगह पानी डालकर पैदल चलने वाले लोगों को राहत दी गई। भगवान परशुराम का रथ सबसे पीछे चल रहा था जिसे श्रद्धालु खींचकर ले जा रहे थे। यह शोभायात्रा रामचरित मानस मैदान से शुरू होकर चौक बाजार, महल तिराहा, छत्रसाल चौक होते हुए मोटे के महावीर मंदिर प्रांगण पहुंची जहां भगवान परशुराम की आरती उतारी गई और इसके बाद भण्डारे का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में सौरभ तिवारी, आनंद शर्मा, उमेश शुक्ला, भरत पाठक, जयराम चतुर्वेदी, सियाराम रावत, दीपक दुबे, विनोद मिश्रा, आकाश दीक्षित, सचिन मिश्रा, रवि त्रिपाठी, प्रदीप तिवारी, नारायण मिश्रा, धीरेन्द्र तिवारी, पंकज तिवारी, राहुल मिश्रा, पंकज मिश्रा, गौरव गोस्वामी, हरीश मिश्रा, जगदीश शुक्ला, अभिषेक पाठक सहित हजारों लोग मौजूद रहे।








