
छतरपुर। विद्युत वितरण केंद्र लवकुश नगर में पदस्थ सहायक अभियंता अपने बल के साथ ग्राम कटहरा पहुंचे जहां लंबे समय से बिल बकाया होने के कारण बकायादार भगवानदास अहिरवार की विद्युत मोटर उस वक्त कुर्क की जब वह बिल देने से मना करने लगा। विद्युत मोटर बिजली विभाग द्वारा ले जाने की स्थिति में भगवान दास और उसके पुत्रों ने विद्युत दल पर हमला कर दिया। इस घटना की थाने में सूचना दी गई। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने जैसी भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया मगर अब तक इन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की। गैर जमानती धारा लगाए जाने के बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने से उनके हौसले बुलंद है और वह बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को सबक सिखाने की धमकी दे रहे हैं।जानकारी के मुताबिक गत 21 मार्च को सहायक अभियंता केएन चतुर्वेदी ग्राम कटहरा पहुंचे। उन्होंने विद्युत बकायेदार भगवान दास अहिरवार से बकाया बिल की राशि मांगी लेकिन उसने राशि देने से इनकार कर दिया। श्री चतुर्वेदी ने अतिरिक्त तहसीलदार की शक्तियों का प्रयोग करते हुए उसकी विद्युत मोटर कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की। तभी भगवानदास ने अपने पुत्रों को मौके पर बुलाया और विद्युत कर्मचारी मनोज अनुरागी की मारपीट कर दी, साथ ही सहायक अभियंता श्री चतुर्वेदी वह अन्य कर्मचारियों के साथ भी अभद्र बर्ताव करते हुए गाली गलौज की। यहां तक की कॉलर पकड़कर जान से मारने की धमकी दी। घटना की रिपोर्ट लवकुश नगर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भगवानदास व उसके पुत्र अरविंद अहिरवार, महेंद्र अहिरवार, नीरज अहिरवार व नीलू अहिरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 132, 115(2), 351 (2),3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। महत्वपूर्ण यह है कि सरकारी काम में बाधा डालने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने के बावजूद आरोपियों को पकड़ा नहीं गया। बिजली विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।









