
छतरपुर। फोरलेन के पास चौरसिया समाज की दो एकड़ जमीन है। समाज का दावा है कि उसके पास सारे दस्तावेज हैं। जमीन खरीदने के पहले समाज की ओर से सारे पहलुओं की जांच की गई थी। उधर वन विभाग का दावा है कि यह जमीन वनखण्ड में आती है। चौरसिया समाज को एसडीएम कोर्ट से स्टे मिलने और वनविभाग की कलेक्टर कोर्ट से अपील खारिज होने के बावजूद वनविभाग निर्माण कार्य करा रहा है। चौरसिया समाज ने इसका विरोध किया और एसडीएम को मौके पर बुलवाया। एसडीएम ने फिलहाल कार्य को दो दिन के लिए रूकवाया है साथ ही दोनों पक्षों से दस्तावेज देने के लिए कहा है। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्यवाही होगी।चौरसिया समाज के निवर्तमान अध्यक्ष मानिक चौरसिया और हाल ही में अध्यक्ष का दायित्व संभालने वाले ब्रजेश चौरसिया ने बताया कि बंदोबस्त के पहले से जो जमीन कास्तकार की है उसी को चौरसिया समाज द्वारा खरीदा गया। विधिवत रजिस्ट्री के बाद नामांतरण और नजूल से एनओसी तथा टाउन एण्ड कंट्री से एनओसी भी ली गई है। चौरसिया समाज का कहना है कि वन विभाग जबरन उनके समाज की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहा है। यदि यह निर्माण कार्य नहीं रूका तो इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं वन विभाग के एसडीओ कार्तिक नायक ने बताया कि जिस जमीन पर विवाद किया जा रहा है वह जमीन वनखण्ड में है। राजस्व विभाग इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं कर सकता। वनभूमि दर्ज होने के कारण वनविभाग काम करा रहा है।इनका कहना-एक खसरा नंबर में चौरसिया समाज और वनविभाग का विवाद है। समाज का कहना है कि यह जमीन उनकी है। वन विभाग कहता है कि उक्त जमीन वनखण्ड में है। फिलहाल काम रूकवा दिया गया है। दोनों पक्षों से दस्तावेज मंगाए गए हैं दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्यवाही होगी।अखिल राठौर, एसडीएम, छतरपुर









