
टीकमगढ़। थानों में मनमाने तरीके से बनते मामलों, बढ़ते भ्रष्टाचार और तमाम गड़बडिय़ों ने आम लोगों का जीना तक दूभर कर दिया है। राजनैतिक संरक्षण में चलते थानों और अधिकारियों और अपराधियों के बीच बढ़ती सांठगांठ ने जिले की शांति और सुरक्षा व्यवस्था को चरमराकर रख दिया है। ऐसे में श्किायतों का होना लाजमी हो जाता है। अब तो हालात यह हो चले है कि शिकायत करना भी लोगों के लिए मुश्किल नजर आने लगा है। पुलिस कप्तान द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारगर साबित न होने से लोगों की नाराजगी बढ़ती नजर आने लगी है। प्रभारी मंत्री के यहां आने पर पुलिस व्यवस्थाओं को लेकर दागे गए सवालों पर उन्होनें संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित करने की बात कही है। अब ऐसे में सवाल तो यह उठता है कि उनके अपने ही जनप्रतिनिधियों के चहेतों पर क्या कार्रवाई होगी या उनके स्वभाव में बदलाव आएगा..?
मध्य प्रदेश शासन की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर यहां गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लेने आईं। इस दौरान मीडिया की आयोजन में रही दूरी को लेकर जहां प्रशासनित व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए, तो वहीं मिष्ठान वितरण को लेकर भी अच्छी खासी नाराजगी देखी गई। गणतंत्र दिवस पर हुए आयोजनों के दम तोडऩे और व्यवस्थाएं बिगडऩे को लेकर शोसल मीडिया पर नाराजगी नजर आई। मनमाने तरीके से बनने वाले बिल और चरमराई व्यवस्थाओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर ही सवाल उठाए हैं। जिले के थानों में राजनैतिक संरक्षण में बढ़ते खनिज कारोबार, अपराधियों को संरक्षण, बेकसूरों पर कार्रवाईयां तथा बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस सवाल उठाती रही है। इन तमाम गड़बडिय़ों को लेकर बीते रोज मीडिया द्वारा भी प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर से सवाल किए गए। इसमें थाना देहात का खुलकर जिक्र किया गया है। जिस पर प्रभारी मंत्री का स्पष्ट कहना रहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार एसपी से चर्चा की जाती है। कार्रवाईयों में किसी प्रकार की ढील नहीं होनी चाहिए। जब उनसे पूंछा गया कि थाना देहात सहित जिले के तमाम थानों में बिना पैसों के एफआईआर तक नहीं हो रही है। फरयादियों को जिले में न्याय नहीं मिल पा रहा है, तो उन्होंने मामले को संज्ञान में लेने के साथ ही लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले में ऐसा नहीं होगा। श्रीमती गौर ने थानों में बढ़ते भ्रष्टाचार और लेन-देन के सवाल पर स्पष्ट तौर पर कहा है कि जिले की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए एसपी से लगातार चर्चा की जाती रही है। इस दिशा में ठोस पहल की जाएगी। श्रीमती गौर ने कहा कि लोगों को नयाय मिले और बिना पैसों के एफआईआर न करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई हो। समाज में अपराध तो होते हैं, लेकिन अपराधियों को जल्दी से जल्दी से गिरफ्तार कर उन पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। जिले में तमाम थाना में बिना लेन-देन के एफआईआर न होने और मनमाने तरीके से कार्रवाईयां करने वालों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई गई है। प्रभारी मंत्री ने एसपी को निर्देशित किया है कि थानों में बिना लेन-देन के एफआईआर न करने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए तथा अपराधियों को आसानी से छूटना नहीं चाहिए। यहां बता दें कि जिले के थानों में द र्ज होने वाले मामलों और कार्रवाईयों पर लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं। थानों में पकड़े जाने वाले वाहनों और अपराधियों के मामलों पर की जाने वाली कार्रवाईयों को लेकर अटकलों का बाजार गर्माया हुआ है। थानों में अनियमित्ताएं और लापरवाही करने वालों पर राजनेतिज्ञों व अफसरों की मेहरबानी को लेकर भी यहां लंबे समय से आरोप लगाए जाते रहे हैं। यहां से राजधानी तक फरयादियों द्वारा लगाई गई गुहारों के बाद भी उन्हें मायूसी हाथ लगी है। अब देखना है कि प्रभारी मंत्री जिले की कानून व्यवस्था में सुधार लाने और भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई करने में कहां तक कामयाब होती हैं।








