
नगर पालिका ने डीपीआर बनाकर भेजा, स्वीकृति मिलना शेष
छतरपुर। शहर के प्रमुख तालाबों को स्वच्छ रखने के लिए करीब दो वर्ष पहले स्वीकृत हुआ सीवर प्रोजेक्ट अभी तक कागजों में ही अटका हुआ है। अमृत योजना 2.0 के तहत स्वीकृत हुए इस प्रोजेक्ट का कार्य तीन फेज में किया जाना था। फेज-1 में शहर में 5 पानी की टंकियों का निर्माण होना था, फेज- 2 में 4 तालाबों का सौंदर्यीकरण और फेज-3 में सीवर लाइन का कार्य होना था, लेकिन नगर पालिका अभी तक प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर सकी है। नगर पालिका द्वारा अभी सीवर लाइन प्रोजेक्ट का डीपीआर बनाकर भोपाल भेजा गया है, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद आगे का कार्य होगा।मुख्य नगर पालिका अधिकारी माधुरी शर्मा ने बताया कि सीवर लाइन प्रोजेक्ट को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक हो चुकी है और हमने 165 करोड़ की लागत का डीपीआर तैयार कर भोपाल भेज दिया है। जैसे ही डीपीआर को स्वीकृति मिलेगी, तुरंत निविदा जारी कर, काम शुरु किया जाएगा। इसके अलावा अमृत योजना के तहत ही शहर के दो तालाब ग्वाल मंगरा और संकट मोचन में जा रही गंदगी को रोकने के लिए भी प्रयास किए जाने हैं, जिसके लिए स्वीकृत मिल चुकी है और नगर पालिका द्वारा निविदा जारी की जा चुकी है। सीएमओ ने बताया कि देरी से स्वीकृति मिलने के कारण कार्यों को पूरा करने में देरी हुई है। उल्लेखनीय है कि बारिश के दौरान कॉलोनियों में पानी भर जाता है और समय पर सफाई न होने से अधिकांश नालियां चोक रहती हैं, जिससे शहरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या हो जाती है। शहर के अंदर सीवर लाइन डल जाने के बाद जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी, साथ ही कॉलोनियों में पड़े खाली प्लॉट पर पानी रुकना भी बंद हो जाएगा। इसके अलावा शहर के तालाबों में जा रहे गंदे पानी पर भी रोक लग जाएगी, जिससे तालाबों का पानी साफ और स्वच्छ हो जाएगा।









