
टीकमगढ़। पहुना लोक जन समिति जो पिछले कई वर्षों से रंगमंच के क्षेत्र में ज़िले की एकमात्र नाट्य संस्था है, जिसने देश में कई महानगरों नगरों में अपने मंचन से टीकमगढ़ का और बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है ।पाहुना ने एक नई पहल शुरू की है। जिसमें देहात में रंगमंच इसी पहल की शुरु करते हुए पाहुना नाट्य संस्थान ने मवई में बुंदेलखंड के लोकनाट्य स्वांग पर आधारित नौकर को सेट का मंचन किया इस नाटक में समाज में फैली कुरीतियों को उजागर किया है । हंसते-हंसते लोगों के बीच अपनी बात कहने की ताकत एक नाटक ही ऐसा माध्यम है जो लोगों के बीच हो रहा है उसे हंसते-हंसते हुए अपनी बात रखने की ताकत रखता है और समाज को आईना दिखाने की ताकत रखता है, संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि यदि लोक संस्कृति की सैर करना है तो अपनी जड़ों की ओर लौटना पड़ेगा जहां आज आधुनिक चकाचौंध में हमारी लोक संस्कृति व लोक परंपराओं की चमक फीकी पड़ गई है ।इसीलिए हमें अपने गांव देहातों की ओर फिर से चलना पड़ेगा और पूर्वजों के समृद्ध संस्कृति के खजाने को सहज ने की जरूरत है ।इसी पहल को शुरू करते हुए पहुना नाट्य संस्थान है देहात रंग मंच करने का बीड़ा उठाया है उन्होंने बताया कि पाहुना नाटक संस्था शहर में भी रंगमंच करेगा और और देहातों में भी ,बुंदेलखंड की लोक संस्कृति को पुनः आने वाली पीढियां से अवगत कराएगा तभी हमारी लोक संस्कृति बच पाएगी । इस प्रस्तुति को ग्रामीणों ने खूब साराहा । यह प्रस्तुति जय मां सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में की गई, कार्यक्रम के शुभारंभ में प्राचार्य श्री अरुण मिश्रा ने दीप प्रज्जलन किया उसके पश्चात नाटक की प्रस्तुति की गई । इस नाटक का निर्देशन संदीप श्रीवास्तव ने किया और नाटक में अभिनय ब्रजकिशोर नामदेव ,मनोज लोधी, कुलदीपक शर्मा ,राजेश विश्वकर्मा, फिजा रंगरेज, शबनम अहिरवार ,वृंदावन अहिरवार और मानस जैन ने किया।








