
जिला जज रविंदर सिंह ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से फैमिली कोर्ट, विद्युत चोरी, चैक बाउंस, कंपाउंड टेबल, बैंक आदि के प्रकरणों का पक्षकारों ने आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराया है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में किसी पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की जाती होती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत, पक्षकारों के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुखद भविष्य की ओर बढऩे का माध्यम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पारिवारिक झगड़े में फंसे लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि इस झगड़े का समाधान उनका आपसी समझौता है, अन्यथा आगे भी इसी तरह से समय और धन की बर्बादी होती रहेगी और किसी को कुछ हासिल नहीं होगा।








