
बारातियों के लिए हुआ भंडारा, जगह-जगह हुआ स्वागत
छतरपुर। शुक्रवार को विवाह पंचमी के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रीराम और माता सीता के विवाह समारोह का आयोजन किया गया। एक ओर जहां चौक बाजार के धनुषधारी कैंडय़ा मंदिर में कार्यक्रम हुआ तो वहीं दूसरी ओर पठापुर रोड के राम-जानकी मंदिर में भी विवाह की रस्में हुईं।मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति के अध्यक्ष दृगेन्द्रदेव सिंह चौहान ने बताया कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी समिति द्वारा भगवान राम और माता सीता के विवाह का कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने बताया कि गल्लामंडी स्थित रामलीला प्रांगण से चौक बाजार के धनुषधारी कैंडय़ा मंदिर तक भगवान की बारात निकली, जिसमें भक्तों ने जमकर नृत्य किया। वहीं बारातियों के लिए मंदिर परिसर में भंडारे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। जयमाला कार्यक्रम के बाद विवाह की अन्य रस्में रात भर मंदिर में चलती रहीं।56 भोग से हुआ रामजी का कलेवावहीं दूसरी ओर पठापुर रोड के राम-जानकी मंदिर में भी विवाह महोत्सव आयोजित हुआ। गाजे-बाजे के साथ रामजी की बारात फौलादी कलम मार्ग से मंदिर तक पहुंची, जिसका रास्ते में पठापुर तिराहे पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी डॉ. डीएस सेंगर ने बारात का स्वागत किया। इसके बाद बारात मंदिर पहुंची, जहां भगवान का तिलक और विवाह की अन्य रस्में निभाई गईं। यहां बारात में शामिल झांकियां लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहीं। सुबह श्रीरामहर्षण गुरूदेव भगवान के पदों का भक्तिभाव के साथ गायन हुआ, वहीं भगवान राम के कलेवा में 56 भोग लगाए गए। इस कार्यक्रम में पुजारी सामेदत्त द्विवेदी, रामकिशोर तिवारी, मोनू रावत, दादा तिवारी, प्रिंस साहू, देवेन्द्र रावत का विशेष सहयोग रहा।









