
अधिकारियों की समझाइश के बाद शांत हुए किसान
महाराजपुर। पिछले काफी दिनों से खाद की समस्या से जूझ रहे गढ़ीमलहरा क्षेत्र के किसानों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया और नाराज किसानों ने सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करते हुए नारेबाजी शुरु कर दी। काफी देर तक किसान सड़क पर बैठे रहे लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा लेकिन जब प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए तो प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार गढ़ीमलहरा के खाद गोदाम पर सुबह से खाद वितरण होना था लेकिन गोदाम प्रभारी अरुणा बैगा गोदाम बंद कर कहीं निकल गईं, जिससे नाराज होकर किसान सुबह करीब 8 बजे हंगामा करने लगे। हंगामा शुरू होने के कारीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची प्रभारी एसडीएम काजोल सिंह, तहसीलदार अनिल तलैया, नायब तहसीलदार रितु सिंघई एवं सदर पटवारी राजेंद्र शिवहरे के सामने किसानों ने आरोप लगाया कि समिति द्वारा खाद को ब्लैक में बेचा जा रहा है, जबकि वे एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। हंगामे के दौरान लंबे समय तक आवागमन बाधित रहा था, जिस कारण से सड़क पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई थीं। गढ़ीमलहरा पुलिस द्वारा लगातार व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने किसानों की समस्यायें सुनने के बाद उन्हें कार्रवाई करने और खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया, तब किसान सड़क से हटे और आवागमन शुरु हो सका। इसके साथ ही अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में विधिवत तरीके से खाद का वितरण भी कराया। सूत्रों की मानें तो हंगामे के बाद किसानों को टोकन के माध्यम से चार-चार बोरी यूरिया खाद दिलाया गया।









