
समाज और मानव सेवा को समर्पित रहे 97 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी श्री जैन1
छतरपुर। समाजसेवी, मानवसेवा को समर्पित, सहज, सरल और हंसमुख व्यक्तित्व के धनी 97 वर्षीय वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी रामरतन जैन के निधन के बाद उन्हें जैन समाज की एक वृहद विनयांजलि सभा में भावभीनी विनयांजलि अर्पित की गई। दादा जी ने स्वतंत्रता संग्राम में भी अपनी भूमिका निभाई थी, इसलिए उनका नाम नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में शुमार किया जाता है। ज्ञातव्य है कि दादा रामरतन जैन का निधन 30 अक्टूबर 24 को 97 वर्ष की आयु में हो गया था। वे इतनी अवस्था में भी अंतिम समय तक पूरी तरह चैतन्य और स्वस्थ थे।प्रो.सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि अतिशय क्षेत्र डेरापहाड़ी के चहुंमुखी विकास के लिए जीवट व्यक्तित्व के धनी दादा रामरतन जैन ने अत्यधिक परिश्रम किया और अथक योगदान दिया था, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा। बड़े जैन मंदिर में आयोजित उनकी विनयांजलि सभा में भी जैन समाज की कार्यकारिणी के साथ साथ बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं तथा युवाजन उपस्थित थे।इस विनयांजलि सभा में समाजसेवी राजेश बड़कुल ने दादा जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और कर्मठ परोपकारी जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके निधन को नगर की अपूर्णीय क्षति बताया। दादाजी ने जैन समाज की ओर से जिला अस्पताल के पीछे संचालित महावीर विश्रांति भवन का कई वर्षों तक कुशलतापूर्वक संचालन किया, जिसमें मरीजों के परिजन रुका करते थे।









