
छतरपुर। शहर के आयुष राजन ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट परीक्षा में 668 अंक हासिल कर अपने माता-पिता और शहर का नाम रोशन किया है। आयुष के पिता राम सहाय और माता उमा देवी ने अपने पुत्र की सफलता पर गर्व व्यक्त किया है।आयुष ने अपनी शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल छतरपुर से पूरी की, लेकिन यह कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपनी शिक्षा के दौरान कोचिंग संस्थानों के दबाव में डमी एडमिशन नहीं लिया। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर रेगुलर स्कूल आकर उन सभी पूर्वाग्रहों पर तमाचा मारा जो कहते है कि बड़े विश्वविद्यालयों के बड़े कोर्सों में एडमिशन पाने के लिए स्कूल रेगुलर न जाकर कोचिंग के दम पर ही एडमिशन पाया जा सकता है। आयुष ने बताया कि उन्हें रेगुलर स्कूल जाने के कई फायदे हुए। स्कूल ने भी आयुष का हर संभव प्रयास करते हुए सहायता की। आयुष ने अपनी तैयारी और स्कूल को रेगुलर रखकर 12वीं में 88 प्रतिशत अंक लाकर और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट में प्रवेश पाकर पूरे स्कूल के साथ-साथ शहर को गौरवान्वित महसूस करवाया है।आयुष की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत और समर्पण से कुछ भी हासिल किया जा सकता है, और डमी एडमिशन लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि डीपीएस छतरपुर के शिक्षकों ने उन्हें बहुत सहयोग किया और उनकी प्रतिभा को पहचाना। आयुष अब दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में बीए ऑनर्स हिस्ट्री में अध्ययन करेंगे। आयुष की सफलता पर छतरपुर के लोगों ने उन्हें बधाई दी है और उनकी सफलता को शहर के लिए गर्व का विषय बताया है।








