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कछुआ गति से चल रहा अस्पताल का निर्माण कार्य

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बालू की जगह इस्तेमाल की जा रही डस्ट, लोगों में पनप रहा आक्रोश

महाराजपुर। क्षेत्र की लोगों की सुविधा के लिए करीब तीन वर्ष पहले नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया गया था। साथ ही अस्पताल के लिए नई इमारत बनाने के लिए बजट भी आवंटित किया गया था लेकिन आज तक लोगों को नए भवन की सौगात नहीं मिल सकी है। इसकी वजह यह है कि नई इमारत बनाने का कार्य जिस ठेकेदार को दिया गया था उसने कुछ ही समय बाद अपना कार्य पेटी ठेके पर दे दिया और नए ठेकेदार द्वारा इस कार्य को कछुआ गति से कराया जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदार पर इमारत के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगे हैं।प्राप्त जानकारी के मुताबिक करीब 3 वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करते हुए अस्पताल के लिए चार मंजिला नई इमारत बनाने के लिए 4.39 करोड़ का बजट स्वीकृत कर इसे बनाने की जिम्मेदारी पीआईयू विभाग को दी गई थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद दतिया की गौरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को यह इमारत बनाने की जिम्मेदारी मिली थी लेकिन कंपनी के ठेकेदार द्वारा शुरुआत से ही इस कार्य को कछुआ गति से कराया गया। कुछ समय बाद लेबर न होने की बात कहकर काम को बंद भी रखा गया। इसके बाद अब गौरी कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार ने कार्य को पूरा कराने की जिम्मेदारी दौरिया निवासी मुन्नालाल अहिरवार को पेटी ठेके पर दे दी। लेकिन नए ठेकेदार भी उसी गति से कार्य करवा रहे हैं, परिणामस्वरूप आज भी अस्पताल की चार मंजिला नई इमारत बनकर तैयार नहीं हो सकी है, जबकि निर्माण की अवधि मई-2024 में समाप्त हो सकी है। अभी इस इमारत की चौथी मंजिल की छत डालने के लिए शटरिंग का कार्य प्रगति पर है। इसके बाद भवन के अंदर ओपीडी, डॉक्टर रूम, वार्ड के पार्टीशन, प्लास्टर, पुताई, बाउंड्री, रैम्प, मोमटी लिफ्ट एवं ग्राउंड में सीसी आदि का कार्य भी होना। जिस गति से वर्तमान में कार्य चल रहा है उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी लगभग एक वर्ष का समय और लग सकता है।घटिया सामग्री से कराया जा निर्माणनगर के लोगों का आरोप है कि पेटी ठेकेदार द्वारा अस्पताल भवन के निर्माण जिस सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है वह गुणवत्ताहीन है। निर्माण कार्य में बालू की जगह डस्ट का प्रयोग हो रहा है, जिससे भवन की मजबूती प्रभावित हो रही है। इसके अलावा अस्पताल में जो लोहे की खिड़की, दरवाजे लगाए जाने हैं वह बारिश के दिनों में खुले आसमान के नीचे रखे जाने के कारण जंग खा रहे हैं। इस संबंध में जब पेटी ठेकेदार मुन्नालाल अहिरवार से बात की तो, उनका कहना था कि समय पर पैसे न मिलने के कारण कार्य पूरा करने में विलंब हो रहा है।

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