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बकस्वाहा के इस गांव की बेटी बनी गांव की पहली महिला डॉक्टर,अब अपने ही गांव में देगी सेवाएं

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बक्स्वाहा। वैसे तो बकस्वाहा से कई बच्चे डॉक्टर हुए जिन्होंने एम्स तक में झंडे गाढ़े पर आज हम बात कर रहे बकस्वाहा की पहली बेटी डॉक्टर की जिन्होंने मेहनत की पहले नवोदय में चयनित हुई और उसके बाद डॉक्टर बनने के लिए नीट में चयनित हुई और अब उनकी डिग्री पूर्ण हो गई जिसके बाद अब वो नगर के ही सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं देगी।डॉक्टर बनने तक पूरी कहानीनाम अनुभूति बिल्थरे मां लता बिल्थरे शिक्षक पिता रविभूषण बिल्थरे बता दे अनुभूति का जन्म 15 मई 1998 को बकस्वाहा में हुआ फिर उन्होंने ने कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई सरस्वती शिशु मन्दिर बकस्वाहा में की ओर साथ ही नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी की पर किस्मत ने अनुभूति के बारे में कुछ और ही सोच रखा था जिसके बाद 2009 में अनुभूति का चयन नवोदय विद्यालय में हो गया अनुभूति पढऩे में बहुत तेज थी और डॉक्टर बनना चाहती थीं 2016 में अनुभूति की कक्षा 12 हो गई और परिजनों ने उसे कोटा में नीट की कोचिंग करने भेज दिया जिसके बाद 2017 में पहली बार नीट का पेपर दिया और डेंटल कॉलेज मिला पर अनुभूति ने हार नहीं मानी और फिर 2018 में परीक्षा दी जिसके बाद उन्हे सुभाष चंद्र मेडीकल कॉलेज जबलपुर मिला जिसके बाद उनकी डिग्री 2024 में पूर्ण हुई अब अनुभूति अपने गांव बकस्वाहा में ही सामूदायिक स्वास्थ्य में सेवाएं देंगी,वही पीजी कॉलेज में भी नाम चयनित हो गया है।जानिए सफलता का राजअनुभूति कहती है उन्होंने नियमित रूप से 10-12 घण्टे पढाई जारी रखी और जब नीट परीक्षा पास की थी तो बहुत खुश थी वह बताती है कि उन्हें गर्व है कि वह अपने गांव की पहली डॉक्टर बनी और डॉक्टर बनके अपने गांव वालो का ईलाज करेगी।शिक्षक मां लता बिल्थरे कहती हैमां लता बिल्थरे बकस्वाहा के कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में शिक्षक है वो कहती है की लड़का लड़की में कोई फर्क नहीं होता और ये लोगो को समझना होगा लड़कियों को भी लडको की तरहा पढऩा चाहिए तभी समाज को तस्वीर बदलेगी।बकस्वाहा का इलाका शिक्षा को लेकर थोड़ा पिछडा हुआ है जहां न स्कूलों में विषयवार पर्याप्त शिक्षक है और न ही सुविधाएं जब देश के सर्वोच्च पदों पर महिलाओं ने अपनी धमक दिखाई बदलते समय के साथ अब छोटे-छोटे गांव की बेटियां बड़े मुकाम हासिल कर रही है. बकस्वाहा गांव की अनुभूति अपने गांव से डॉक्टर बनने वाली पहली बेटी है और अब वो अपने गांव में सेवाएं देगी।

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