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अविश्वास प्रस्ताव खारिज होते ही विरोधी खेमें में छाई उदासीअध्यक्ष समर्थकों में खुशी की लहर, मनाया जश्न

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टीकमगढ़। नगर पालिका अध्यक्ष और उनके समर्थकों के लिए अच्छी खबर यह है कि 19 पार्षदों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। हाल ही में जारी आदेश के बाद से जहां विरोधी खेमें में खामोशी छाई हुई है, वहीं श्री मलिक के समर्थकों में खुशी की लहर देखी जा रही है। बताया गया है कि नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव को शनिवार को एडीएम ने खारिज कर दिया है। प्रदेश सरकार के नगरीय निकायों को लेकर जारी किए गए गजट नोटिफिकेशन का हवाला देकर अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई को निरस्त किया गया है। एडीएम का पत्र जारी होते ही कांग्रेसियों में खुशी की लहर छा गई। इसके साथ ही नपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का मामला लगभग समाप्त हो गया है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका के 19 पार्षदों ने 20 अगस्त को अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगाया था। कलेक्टर ने आगे की कार्रवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख तय की थी। इस बीच मप्र की कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में अविश्वास प्रस्ताव की समय सीमा 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी गई। 27 अगस्त को इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। शासन से जारी अध्यादेश का हवाला देकर शुक्रवार को संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन सागर संभाग ने कलेक्टर अवधेश शर्मा को पत्र जारी किया था। जिसमें अविश्वास प्रस्ताव की समय सीमा दो वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष करने की बात कही गई थी। संयुक्त संचालक के पत्र के बाद आज एडीएम ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि अध्यादेश में जारी किए गए दिशा निर्देशों के तहत टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई निरस्त की जाती है।
आदेश के बाद वापस लौट आए पार्षद-
नपा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगाने के बाद सभी 19 पार्षद गुप्त स्थान पर चले गए थे। इनमें भाजपा के 10, कांग्रेस के 6 और 3 निर्दलीय पार्षद शामिल थे। शुक्रवार को नगरीय प्रशासन सागर के संयुक्त संचालक की ओर से जारी किए गए पत्र के बाद आज सभी 19 पार्षद वापस टीकमगढ़ लौट आए हैं। पिछले 27 सालों के दौरान नपा अध्यक्ष के खिलाफ तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, लेकिन तीनों बार अध्यक्ष को नहीं हटाया जा सका।

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