
गौरी शंकर भगवान को समर्पित किया रक्षा सूत्र, की सुख समृद्धि की कामना
छतरपुर। हिंदू उत्सव समिति की ओर से पवित्र श्रावण मास के पांचवें सोमवार को गौरी शंकर मंदिर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण उत्सव का कार्यक्रम रखा गया। इस अवसर पर ब्राह्मणों ने श्रावणी उपाकर्म करते हुए यज्ञोपवीत पूजन, सप्त ऋषि पूजन किया। गौरी शंकर भगवान को रक्षा सूत्र समर्पित करते हुए सबके मंगल की कामना की गई।समिति के अध्यक्ष पवन मिश्रा ने बताया कि सावन के प्रत्येक सोमवार की तरह इस सोमवार को भी किसी न किसी शिवालय में पार्थिव शिवलिंग निर्माण उत्सव रखा जाना था इसी क्रम में महलों के पास स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर में समिति का कार्यक्रम आयोजित हुआ। सुबह 9 बजे से समिति के सदस्यों एवं आसपास के लोगों ने पार्थिव शिवलिंग बनाए। दोपहर में विधि विधान से आचार्य उमेश चंद्र द्विवेदी वैदिक जी ने पूजन कराकर रुद्राभिषेक कराया। आचार्य वैदिक जी ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा में ब्राह्मण उपाकर्म करते हैं । श्रावणी उपाकर्म में यज्ञोपवीत पूजन एवं उपनयन संस्कार करने का विधान है । उसके लिए स्वाभाविक रूप से तीर्थ अवगाहन, दशस्नान, हेमाद्रि संकल्प एवं तर्पण आदि कर्म किये जाते हैं। इस अवसर पर यज्ञोपवीत का वैदिक मित्रों के साथ पूजन किया गया वहीं ऋषि परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सप्त ऋषियों का पूजन हुआ। कई वर्षों बाद सावन में पांचवा सोमवार आया था इसलिए बड़े भाव के साथ भक्तों ने शिवार्चन किया। रुद्राभिषेक के बाद विसर्जन हुआ और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर पं. बृज गोपाल, हिमांशु अग्रवाल, देवेश चतुर्वेदी, हर्ष शुक्ला, भानु साहू, मोनू रावत, प्रिंस साहू, अन्नू रैकवार, सुमित कौशिक, अनुजय पाठक, विकास मिश्रा सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।









