
परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन डॉक्टर नहीं आया महिला को देखने
हरपालपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर के निकटवर्ती ग्राम भदर्रा की रहने वाली महिला श्रीमती किरन अहिरवार की मौत डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई है। यह आरोप श्रीमती किरन अहिरवार के परिजन और उसके पति दीपक अहिरवार ने लगाया है।मृतक महिला किरन अहिरवार के पति का कहना है कि दिनांक 23 जुलाई 24 को दोपहर करीब 1 बजे मैं अपनी पत्नी को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर आया था। मेरी पत्नी की पहली डिलेवरी थी मेरी पत्नी को दिन में काफी दर्द हो रहा था मैंने स्टॉफ नर्स को बताया, उन्होंने डॉक्टर को बताया डॉक्टर ने ओपीडी से ही बिना देखे इंजेक्शन लिख दिए। शाम करीब 7: 24 बजे मेरी पत्नी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया जिसका वजन करीब 3:30 किलो था। रात्रि करीब 10 बजे मेरी पत्नी की अचानक तबियत बिगडऩे लगी, मैंने नर्स को बताया। उन्होंने कई फोन डॉक्टर को लगाए लेकिन डॉक्टर ने फोन को रिसीव करना उचित नहीं समझा। रात्रि करीब 11 बजे जब मेरी पत्नी किरण की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई तो नर्स ने ही 11 बजे मेरी पत्नी को छतरपुर के लिए रेफर कर दिया। लेकिन वाहन आते-आते 11:30 बज चुके थे रात्रि को ही मैं अपनी पत्नी को छतरपुर ले गया वहां पर मैंने अपनी पत्नी को एडमिट किया। छतरपुर की नर्स का कहना था कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण केस बिगड़ा है। मैंने दो बोतल खून भी अपनी पत्नी को दिया। लेकिन अपनी पत्नी को नहीं बचा सका। गांव के ही हरनारायण अहिरवार का कहना है कि पूर्व में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर इस तरीके की लापरवाही होने से गांव के दो लोगों की और मौत हो गई थी।लापरवाह डॉक्टर के ऊपर कार्रवाई जरूर होना चाहिए जिससे कि आगे कोई भी घटना डॉक्टर की लापरवाही से घटित न हो। डॉक्टर की लापरवाही की शिकायत सीएमएचओ से की है।इनका कहना-मुझे इस बात की जानकारी मिल चुकी है। मैं इसकी जांच कर कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करूंगा।आरपी गुप्ता, सीएमएचओ, छतरपुर









