
छतरपुर। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए देश के गृहमंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर कमलों से अटल बिहारी बाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर में प्रदेश के समस्त जिलों के 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का उद्धघाटन किया गया।राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्सीलेंस कॉलेजों की विशेषता के बारे में बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप इन कालेजों में सभी कोर्स उपलब्ध होंगे तथा ये कॉलेज सभी संसाधनों से युक्त होंगे। युवा पीढ़ी को इन कॉलेजों का लाभ मिलेगा। राज्य के सभी जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत हो रही है। वर्तमान में मौजूद कॉलेजों को ही अपग्रेड कर नया दर्जा दिया जा रहा है। इन कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही जरूरत के मुताबिक आने वाले समय में शिक्षकों की पदस्थापना भी की जाएगी।गृहमंत्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 का क्रियान्वयन लागू करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता का परिणाम है। मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सर्वप्रथम लागू किया गया। जिससे शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न नवाचार हुये। पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस को लेकर युवा विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगी है। इन महाविद्यालयों में कौशल विकास के साथ सामान्य शिक्षा को एकीकृत करके विभिन्न 35 व्यवसायिक पाठ्यक्रम शुरू किये गये, जिससे विद्यार्थी स्वरोजगार करके अपना जीवन यापन कर सकते हैं। मध्यप्रदेश एक मात्र ऐसा राज्य है जिसने मेडिकल एवं इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम को मातृभाषा में अनुवादित करने का कार्य किया है। जिससे मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई विद्यार्थियों के लिए शुलभ हो गई।श्री कृष्णा विश्वविद्यालय, छतरपुर के सभागार में उपकुलपति डॉ. गिरीश त्रिपाठी, कुलसचिव विजय सिंह, डॉ. बी.एस. राजपूत, डॉ. अमित जैन, डॉ. आशीष पचौरी, डॉ. आशीष तिवारी, डॉ. दिनेश मिश्रा, डॉ. दिगंत द्विवेदी, माधवशरण पाठक, विवेक प्रताप सिंह के साथ-साथ विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राऐं अटल बिहारी बाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर से प्रसारित उद्धाटन समारोह में अभासी माध्यम से उपस्थित होकर सहभागी बने।








