
महाराजा छत्रसाल की जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न
छतरपुर। बुन्देलखण्ड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती पर संस्कृति संचालनालय भोपाल, महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान और महाराजा छत्रसाल विरासत महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटक ग्राम मऊ सहानियां में आयोजित दो दिवसीय विरासत महोत्सव का सोमवार को वीर लाला हरदौल नाट्य मंचन के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में आए कलाकारों ने दर्शकों को देर रात तक बैठने को मजबूर किया। प्रस्तुतियां देने आए कलाकारों का आयोजन समिति द्वारा स्वागत किया गया।आयोजन की दूसरी शाम दीप शिखा मंच दतिया के कलाकारों ने कुंजा का भात नाट्य का जीवंत मंचन किया, जिसका निर्देशन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी राजेश लटौरिया दतिया के द्वारा किया गया। ओरछा के वीर लाला हरदौल के जीवन पर आधारित इस नाट्य मंचन में कलाकारों ने देवर-भाभी के जीवंत रिश्ते को पेश किया। नाट्य मंचन का कार्यक्रम इतना शानदार रहा कि रात 12 बजे के बाद भी कार्यक्रम को देखने भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। नाटक के जरिए उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर करते हुए बलिदान की कहानी पेश की। एक ओर उन्होंने जहां मुगलों से युद्ध कर अपने भाई की विरासत को बचाया। दूसरी तरफ अपने परिवार को टूटने से बचाने के लिए अपनी जान तक न्यौछावर कर दी। नाटक के दौरान जहां मुख्य पात्र बने हरदौल के बड़े भाई और महाराजा के साथ उनके स्नेह और दुलार के संबंधों के साथ-साथ मां के समान भाभी से उनकी बेटे की तरह प्रस्तुतियां खासा आकर्षण का केंद्र रही। प्रोजेक्टर थीम पर प्रदर्शित किए गए इस नाट्य मंचन के दौरान जहां रिकॉर्डेड आवाज कलाकारों की रही, वही जीवंत अभिनय कलाकारों ने करके दिखाया। इसमें मौलवी पात्र बने कलाकार का अभिनय और आवाज जहां प्रभावी रही, वहीं महाराजा ओरछा और हरदौल के पात्र के साथ उनकी भाभी मां की चरित्र अभिनय ने इस नाटिका को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के अंत में भोपाल से आई जानी मानी गायिका वैशाली रायकवार ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं का दिल जीत लिया। वैशाली रायकवार और उनके साथियों ने भक्ति गीत, देशभक्ति गीत सहित फिल्मी गीतों के एक से बढ़कर एक गीत पेश किए।









