
एक पक्ष ने पुलिस और चिकित्सक पर लगाए भेदभाव के आरोप
छतरपुर। गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम गहबरा में दो पड़ोसियों के पालतू कुत्तों के बीच हो रहे झगड़े को लेकर न केवल पड़ोसियों में कहा-सुनी, बल्कि मारपीट तक हो गई। घटना में दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे को पीटा लेकिन एक पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने केवल दूसरे पक्ष की शिकायत ली है। इतना ही नहीं अस्पताल का चिकित्सक दूसरे पक्ष का रिश्तेदार होने के कारण उनकी एमएलसी भी ठीक ढंग से नहीं की गई। गुरूवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायती आवेदन देकर उचित कर्रावाई की मांग की गई है।आवेदन देने आईं गहबरा निवासी कविता पत्नी सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि गत 14 मई को सुबह लगभग साढ़े 8 बजे उसके पालतू कुत्ते का झगड़ा पड़ोस में रहने वाले अहिरवार परिवार के पालतू कुत्ते से हो रहा था, जिसको लेकर पड़ोसी रामप्रसाद, कमलेश, छोटा, घसीटा और बाबू अहिरवार कविता के जेठ चन्ना शुक्ला के साथ गाली-गलौज करने लगे। जब चन्ना ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने एकराय होकर लाठी-डंडों से चन्ना पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंची चन्ना की पत्नी सम्पत के सिर में डंडा लगने के कारण वह बुरी तरह घायल हो गईं। इसके साथ ही कविता को भी बीच-बचाव करने में चोटें आईं। कविता का आरोप है कि घटना के बाद जब वह गौरिहार थाना गई तो पुलिस ने दिन भर उसे बैठाए रखा और इसके बाद बिना उनकी बात सुने शिकायत दर्ज करने की बात कहकर एमएलसी के लिए भेज दिया। लवकुशनगर के असप्ताल में कविता और उसकी जेठानी सम्पत को एमएलसी के लिए ले जाया गया लेकिन वहां पदस्थ डॉ. लखन अहिरवार दूसरे पक्ष का रिश्तेदार निकला, जिसने ठीक ढंग से एमएलसी नहीं की। कविता और सप्मत शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर किसी अन्य चिकित्सक से एमएलसी कराने तथा उनके बताए अनुसार रिपोर्ट दर्ज कराकर उचित कर्रावाई कराने की मांग की है।









