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निर्वाना आश्रयग्रह पहुंचे बागेश्वर महाराज
अनाथ, दिव्यांग, लाचार बच्चों से मिलकर भर आयीं आंखें
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छतरपुर। देश के प्रख्यात कथाव्यास और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बीती शाम छतरपुर के देरी रोड पर संचालित होने वाले निर्वाना फाउण्डेशन के आश्रयग्रह में अचानक पहुंच गए। उन्होंने यहां रह रहे बेसहारा, अनाथ, दिव्यांग और लाचार बच्चों के साथ लगभग एक घंटे वक्त गुजारा। एक नेत्रहीन बेटी मोहिनी की सुरीली आवाज में उसके भजन भी सुने। यहां आए बच्चों की कहानियों को जानकर उनका संघर्ष और पारिवारिक पृष्ठभूमि को समझते हुए उनकी आंखें भर आयीं।
उल्लेखनीय है कि छतरपुर में संजय सिंह और उनकी धर्मपत्नि के द्वारा पिछले 7 वर्षों से निर्वाना फाउण्डेशन के माध्यम से इस आश्रयग्रह का संचालन किया जा रहा है जिसमें छतरपुर ही नहीं आसपास के जिलों से आने वाले अनाथ, बेसहारा, दिव्यांग, गरीब, लाचार, मानसिक विक्षिप्त लोगों को सहारा दिया जाता है। संजय सिंह ने बताया कि वे किस तरह इन लोगों की सेवा करते हैं, उन्हें अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाते हैं, उनके भीतर कला का विकास करते हैं, किसी विशेष गुण को विकसित करने के लिए उसे अलग से कक्षाएं दिलाते हैं, नेत्रहीन बच्चे भी यहां ब्रेल लिपि से पढ़ते हुए अपने जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं। बागेश्वर महाराज ने इन बच्चों को अपनी ओर से उपहार बांटे और संजय सिंह व उनकी पूरी टीम की न सिर्फ सराहना की बल्कि यह भी कहा कि वे इस संस्थान का पूरा सहयोग करेंगे। संस्थान पूरी तरह से बगैर शासकीय मदद के समाजसेवियों के सहयोग से संचालित हो रहा है। बागेश्वर महाराज ने भी लोगों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग ऐसे संस्थान का सहयोग करें।
रामनवमीं शोभायात्रा के लिए बागेश्वर महाराज की अपील
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बीती शाम देश के प्रख्यात संत बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर चौक बाजार पर सजे श्रीराम दरबार में भगवान के दर्शन करने पहुंचे। इस मौके पर यहां एक विशेष धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सनातनियों से अपील करते हुए छतरपुर की रामनवमीं को भव्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा  कि रामनवमीं जैसे त्यौहार सनातन संस्कृति के वाहक हैं। हम सभी को ऐसे त्यौहारों में भारतीय संस्कृति के अनुरूप शामिल होकर इन त्यौहारों को भव्य बनाकर हिन्दू एकता को बढ़ावा देना चाहिए।

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