
चोरी गई प्रतिमाओं को किया गया था पुर्नस्थापित
छतरपुर। छतरपुर जिले में एक ऐसा थाना है, जो वर्तमान में राममंदिर के रूप में लोगों की आस्था का केन्द्र बना हुआ है। दरअसल यह थाना जिला मुख्यालय से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित छतरपुर जनपद के ईशानगर कस्बे का पुराना थाना है। थाने के इस पुराने भवन में चोरी गई प्रतिमाओं की पुर्नस्थापना की गई थी, जिसके बाद से यह पुराना थाना भवन मंदिर राम मंदिर के रूप में प्रसिद्धि पा रहा है।
पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने बताया कि पूर्व में ईशानगर थाना परिसर के मंदिर से भगवान रामलला की प्रतिमाएं चोरी कर ली गई थीं। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना पुलिस द्वारा चोरों का पता लगाकर चोरी की प्रतिमाओं को बरामद किया गया था और इसके बाद न्यायालय द्वारा उक्त प्रतिमाएं थाने को सुपुर्द की गई थीं। कालांतर में ईशानगर थाना के नए भवन का निर्माण हुआ और जब पूरा काम-काज नए भवन से होने लगा तो पुराने थाना भवन को रामलला के मंदिर के रूप में विकसित कर न्यायालय से मिलीं प्रतिमाओं को यहां स्थापित किया गया। तभी से यहां प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना होती है। तीज-त्यौहारों पर यहां विविध धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं। थाने के पुलिसकर्मियों के साथ संपूर्ण ईशानगर कस्बे और आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए वर्तमान में ईशानगर का पुराना थाना राममंदिर के रूप में आस्था का केन्द्र बना हुआ है।








