छतरपुर। शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने तहसील में फैले भ्रष्टाचार, दलालों की बढ़ती सक्रियता और अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर कड़ी नाराजग़ी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में रजिस्ट्री, नामांतरण, विरासत, नक्शा, जाति-आवास जैसे कार्यों के लिए आम नागरिकों को दलालों के माध्यम से ही भटकना पड़ता है, जबकि अधिकारी समय पर बैठते नहीं हैं।अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसीलदार, एसडीएम सहित कई राजस्व अधिकारी नियमित समय पर अपने कक्षों में नहीं बैठते, जिसके कारण लोग घंटों परेशान होते हैं। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई कर्मचारी और रीडर कार्य के लिए अनावश्यक देरी करते हैं तथा कई मामलों में रिश्वत की मांग भी की जाती है। ऐसी स्थिति में जनता और अधिवक्ताओं दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं ने शनिवार को सामूहिक रूप से ज्ञापन तैयार किया है, जिसे वे संबंधित अधिकारियों को सौंपेंगे। ज्ञापन में तहसील स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच, दलालों पर कार्रवाई, तथा अधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि परिस्थितियाँ नहीं सुधरीं, तो वे आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं। अधिवक्ता समुदाय ने प्रशासन से तत्काल इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए पारदर्शिता और जनहित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। इस बीच संतोष द्विवेदी अशोक कुमार श्रीवास हरिशंकर कुशवाहा यूनुस खान शैलेंद्र सिंह अरुण कुमार सक्सेना हरिशंकर अग्रवाल बृजेश पटेरिया आलोक मिश्रा विनोद धनीराम अहिरवार मुकेश वर्मा बृजेंद्र सिंह बालमुकुंद मिश्रा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।










