छतरपुर। गणेश उत्सव संपन्न होने के बाद भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन पर्यावरण अनुकूल तरीके से सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। बूढ़ा बांध पर कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाया गया है, जिसका निरीक्षण कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने किया। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए केवल मिट्टी की प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम कुंड में होगा, ताकि जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बृजपुरा के बूढ़ा बांध पर जिला प्रशासन ने गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित है, और केवल मिट्टी या पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं का विसर्जन इस कुंड में होगा। नगर पालिका ने साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, पीने का पानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। भक्त दीपक नागर और ऋतु नागर ने बताया कि कृत्रिम कुंड का उद्देश्य नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाना है, उन्होंने अन्य नागरिकों से अपील की है कि विसर्जन के लिए केवल कृत्रिम कुंड का उपयोग करें। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सतर्क है। प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों से प्लास्टिक, थर्माकोल, कपड़े और पॉलिथीन जैसी सामग्री जल स्रोतों में न डालने का आग्रह किया है। इसके लिए अलग से डस्टबिन और संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं।










