Home डेली न्यूज़ संस्कृति मंत्रालय के सचिव को बताईं खजुराहो के स्मारकों में व्याप्त समस्याएं

संस्कृति मंत्रालय के सचिव को बताईं खजुराहो के स्मारकों में व्याप्त समस्याएं

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छतरपुर। पिछले दिनों खजुराहो में संपन्न हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने आए अधिकारियों में केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय सचिव अरुणीश चावला से मतंगेश्वर सेवा समिति, दद्दाजी इंटरनेशनल कल्चरल सेंटर के सदस्यों तथा स्थानीय समाजसेवियों ने मुलाकात कर खजुराहो के स्मारकों में व्याप्त समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा करते इसका समाधान कराने की मांग रखी। यह विशेष मुलाकात मतंगेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में हुई।मतंगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दाजी इंटरनेशनल कल्चरल सेंटर के संयोजक पंडित सुधीर शर्मा ने बताया कि भारतीय पुरातत्व मंडल का जबलपुर ऑफिस, खजुराहो में होना चाहिए क्योंकि खजुराहों विश्व पटल पर एक हेरिटेज साइट है एवं इस ऑफिस को किन्हीं राजनैतिक कारणों की वजह से जबलपुर ले जाया गया था जिसका वहाँ कोई औचित्य नही है। खजुराहो के ईस्टर्न ग्रुप मंदिरों के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को जल्दी शुरू किया जाए। इसमें आ रहे मध्य प्रदेश शासन के निर्णय हेतु प्रशासन से समन्वय कर, रुके हुए विकास के कार्य को पूर्ण किया जाना चाहिए। प्राचीन जल स्रोतों की मेंटिनेंस के लिए एक प्रोजेक्ट बनाया जाए एवं जो चंदेलकाली तालाब भारतीय पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आते है उनकी स्वच्छता, संरक्षण एवं उनके खोये हुए अस्तित्व को बचाने का प्रयास किया जाए एवं उनका पुन: निर्माण किया जाना चाहिए। जो भारतीय पुरातत्व द्वारा पाई गई पुरानी मूर्तियां है उनके लिए एक नये म्यूजियम का निर्माण किया जाए एवं उनकी प्राचीनता को बचाने के लिए उनका संरक्षण एवं उनकी देखरेख की जाए। खजुराहो में बढ़ रहे पर्यटकों को मध्यनजर रखते हुए, इससे भी आगरा एवं अन्य स्थानों की तरह हफ्ते में एक दिन बंद किया जाना चाहिए। यह समय मंदिरों के संरक्षण, गार्डन की सफाई इत्यादि कार्यों के लिए उपयुक्त होगा एवं मंदिरों का मेंटिनेंस सुचारू रूप से हो सकेगा। साथ ही मतंगेश्वर मंदिर एवं खजुराहो के अन्य मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाए, एवं सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की जाए। खजुराहो के लिए, श्री आचार्य विद्यासागर जी के आध्यात्मिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जिसको वह खजुराहो बुंदेलखंड में बनाने के लिए 2018 में भूमि पूजन कर चुके थे, जबसे यह परियोजना लंबित है। इस प्रोजेक्ट में सहसत्रकूट एवं शमौशरण जिनालय है। यह केवल मंदिर निर्माण ही नहीं पर मानवता की सेवा हित एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है जिसमें विधिवत श्रमदान, बालिकाओं का शैक्षणिक संस्थान प्रतिभास्थली, पूर्ण आयु आयुर्वेदिक संस्थान, दयोदय गौशाला, पर्यावरण संरक्षण संस्थान शांतिधारा एवं गुरुकुल जैसे एहम कार्य है जिनसे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसीलिए इसको नियमित रूप से अनुमति दिए जाने के विषय पर संस्कृति मंत्रालय सचिव अरुणीश चावला से चर्चा हुई। इस मौके पर उमाशंकर पांडे, विनोद जैन, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नंदिता पाठक, श्रीमती विजयादत्त त्रिपाठी, श्रीमती पुष्पलता राव, ब्रह्माकुमारीज़ माउंट आबू, भारतीय पुरातत्व विभाग जबलपुर मंडल के अधिकारी डॉ शिवाकांत बाजपई, आकांक्षा टिक्कू परिवर्तन एनजीओ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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