
एक सप्ताह में व्यवस्थाएं नहीं सुधरी तो दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
छतरपुर। पिछले काफी समय से छतरपुर का महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। विश्वविद्यालय में आए दिन विवाद के वीडियो वायरल होते हैं तो वहीं साफ-सफाई न होने सहित छात्र-छात्राओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई है। इन्हीं सब मांगों को लेकर बुधवार को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री आकाश दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, न ही छात्र-छात्राओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में डे्रस कोड भी लागू नहीं किया गया है, इसी तरह विश्वविद्यालय में एक भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं है जबकि विश्वविद्यालय में आए दिन विवाद के वीडियो सामने आते हैं जिससे विश्वविद्यालय बदनाम होता है। वहीं जनार्दन पटना ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय में कोई ड्रेस कोड भी लागू नहीं है जिससे असामाजिक तत्वों द्वारा विश्वविद्यालय में प्रवेश कर अनियमितताएं की जाती है । ड्रेस कोड लागू होना चाहिए वही सतर्कता बरतनी चाहिए। विश्वविद्यालय की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है लेकिन इतने बड़े विश्वविद्यालय में एक भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं है। उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय में तालाबंदी, बिजली सप्लाई बंद करके नारेबाजी की गई है साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन को चेताया गया है कि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं हंगामे के बाद कुलसचिव यशवंत पटेल ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं सुधारने की बात कही है।









