
शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व मंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा
छतरपुर। जबलपुर के तत्कालीन तहसीलदार हरी सिंह धुर्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भिजवाने से मप्र राजस्व अधिकारी कार्मिक प्रशासनिक सेवा संघ बिफर गया। प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश भर में इसके खिलाफ आंदोलन शुरू हो गया है। जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, भू अभिलेख अधीक्षक ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तत्कालीन जबलपुर तहसीलदार को जेल से बाहर निकाला जाए और कलेक्टर तथा एसडीएम के खिलाफ ठोस कार्यवाही की जाए। जब तक ये नहीं होगा तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।राजस्व अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप तिवारी ने बताया कि जबलपुर के तत्कालीन तहसीलदार एवं पीठासीन अधिकारी हरी सिंह धुर्रे के खिलाफ कलेक्टर एवं एसडीएम की कार्यवाही न्यास संगत नहीं है। राजस्व मंत्री को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर न्यायिक संरक्षण अधिनियम भारतीय नागरिक न्याय संहिता सिविल सेवा आचरण संहिता आदि में अधिकारियों को दिए गए अधिकारों के बारे में अवगत कराते हुए कहा गया कि यह कार्यवाही विधि सम्मत नहीं है। पीठासीन अधिकारी द्वारा पारित किए गए निर्णय को दोषपूर्ण मानते हुए एसडीएम द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इसी निर्णय को आधार बनाकर जबलपुर कलेक्टर ने एसडीएम आधारताल के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई है। इस संबंध में शासन से अनुमति न लेने से आचरण संहिता का उल्लंघन है। अधिकारियों को दिए गए अधिकारों का हनन हुआ है। जब तक शासन जबलपुर कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा किए गए विधि विपरीत कार्यवाही पर ठोस निर्णय नहीं लेता तब तक समस्त राजस्व अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। राजस्व अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष गुलाब सिंह बघेल के आह्वान पर यह हड़ताल शुरू की गई है। अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।









