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सनसनीखेज शिवम मिश्रा हत्याकांड का हुआ खुलासा

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मुख्य आरोपी का अजीबोगरीब बयान, कहा-हत्या से पहले 11 दिन तक रखा उपवास
छतरपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र से 1 अगस्त को लापता हुए शिवम मिश्रा की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। सोमवार को धसान नदी से शव बरामद करने के बाद मंगलवार को जिला मुख्यालय के पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक द्वारा विवेचना की जानकारी साझा की गई। बताया गया है कि महिला मित्र को लेकर एक आरोपी और मृतक के बीच विवाद चल रहा था, जिसके चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। पूछताछ में घटना के मुख्य आरोपी ने एक अजीबोगरीब बयान भी दिया है। मुख्य आरोपी का कहना है कि उसने हत्या से पहले 11 दिनों तक उपवास किया था।
यह है पूरा मामला
हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि 1 अगस्त 2024 की रात करीब साढ़े बजे वीरेन्द्र कुमार मिश्रा निवासी सटई रोड छतरपुर ने सिविल लाइन थाना में सूचना दी थी कि उसका 26 वर्षीय पुत्र शिवम मिश्रा लापता है। पुलिस ने सर्वप्रथम गुमशुदगी दर्ज कर विवेचना शुरु की थी। चूंकि शिवम के परिजनों ने हत्या का संदेह भी जाहिर किया था इसलिए सिविल लाइन थाना प्रभारी मामले की जांच हेतु एक टीम गठित की। उक्त टीम ने गंभीरता से मामले की विवेचना की तो जानकारी सामने आई कि शिवम मिश्रा को आखिरी बार शहर के महोबा रोड पर स्थित एक व्हीकल वॉशिंग सेंटर में देखा गया है। इसी जानकारी के आधार पर सबसे पहले टीम ने व्हीकल वॉशिंग सेंटर के संचालक राहुल विश्वकर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो राहुल अनर्गल बयान देता रहा लेकिन जब टीम ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो उसने पूरी कहानी पुलिस को बता दी। राहुल ने अपने बयान में बताया कि शिवम मिश्रा सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता था। अपने दोस्त दिव्यांशु पालिया के कहने पर उसने शिवम मिश्रा को अपने व्हीकल वॉशिंग सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए बुलाया था और जब शिवम व्हीकल वॉशिंग सेंटर पर पहुंचा तो वहां मौजूद राहुल विश्वकर्मा और दिव्यांशु पालिया ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर शिवम मिश्रा को पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने सबसे पहले शिवम की मोटरसाईकिल को पास के एक कुएं में फेंका और इसके बाद शिवम की लाश को चार पहिया वाहन क्रमांक यूपी 80 सीई 6896 से गर्रोली के धसान पुल पर ले गए, जहां लाश के हाथ-पैर बांधकर नदी में फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। राहुल विश्वकर्मा से मिली इस जानकारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी दिव्यांशु पालिया की तलाश शुरु की। कई संभावित स्थानों पर दबिश देने के बाद आखिरकार दिव्यांशु भी पुलिस के हाथ लग गया।
मुख्य आरोपी दिव्यांशु पालिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि एक महिला मित्र को लेकर शिवम के साथ उसकी बुराई चल रही थी और इसी बुराई के चलते वह लंबे समय से उसकी हत्या करना चाह रहा था। दिव्यांशु पालिया ने बताया कि हत्या से पहले उसने 11 दिनों तक उपवास रखा और इसके बाद 1 अगस्त को अपने दोस्त राहुल विश्वकर्मा की मदद से शिवम को व्हीकल वॉशिंग सेंटर पर बुलाया। उक्त व्हीकल वॉशिंग सेंटर में राहुल सहित अपने दो अन्य साथियों की सहायता से दिव्यांशु पालिया ने शिवम की हत्या की। मामले की विवेचना करने वाली टीम ने उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ मृतक का मोबाइल, दोनों आरोपियों के मोबाइल, घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन तथा रक्तरंजित वस्त्र भी बरामद किए हैं। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
खुलासा करने में इनकी रही सराहनीय भूमिका
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन और मार्गदर्शन में मामले का खुलासा करने वाली टीम में सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकी चौबे, उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र रोहित, अलीपुरा थाना प्रभारी डीडी शाक्य, सहायक उपनिरीक्षक उमाशंकर त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राज वर्मा, प्रहलाद कुमार, बृजेन्द्र गुप्ता, सत्येन्द्र  त्रिपाठी, आरक्षक धमेन्द्र चतर्वेदी, पवन, चन्दशेखर प्रजापति, भूपत, दिनेश मिश्रा, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक किशोर कुमार, आरक्षक विजय सिंह, धर्मराज पटेल और राजीव सिंह की महत्वपर्ण भूमिका रही।

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