छतरपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के संवर्धन के उद्देश्य से संगम सेवालय द्वारा आज गौरैया संरक्षण विषय पर एक विस्तृत जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तेजी से विलुप्त हो रही गौरैया (हाउस स्पैरो) के संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना एवं लोगों को इसके संरक्षण हेतु व्यावहारिक उपायों से जोडऩा था।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पुष्पेन्द्र खरे उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरण संतुलन की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने बताया कि शहरीकरण, मोबाइल टावरों से निकलने वाले विकिरण, पेड़ों की कटाई एवं पारंपरिक घरों के अभाव के कारण गौरैया की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। अत: हम सभी का दायित्व है कि इसके संरक्षण हेतु छोटे-छोटे प्रयास करें।कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. दीप्ति शर्मा, शंकर लाल सोनी, पाखी शुक्ला एवं इंदु प्रभा खरे ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बताया कि यदि हम अपने घरों की बालकनी या छत पर घोंसले लगाएं, नियमित रूप से दाना-पानी की व्यवस्था करें एवं रासायनिक प्रदूषण को कम करें, तो गौरैया के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को इस अभियान से जोडऩे पर विशेष बल दिया।इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश चंद्र जैन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई, जिसके अंतर्गत बच्चों को गौरैया के लिए सुरक्षित और सुंदर घोंसले बनाना सिखाया गया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए घोंसलों का प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने काफी सराहा। इस रचनात्मक कार्य के लिए बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति और अधिक उत्साह उत्पन्न हुआ।कार्यक्रम में विपिन अवस्थी, अंजू अवस्थी, संविदा अवस्थी, डॉ. स्वतंत्र शर्मा, के. एन. सोनम, विमला सोमन, नीलम पाण्डेय, दिल्ला राम अहिरवार, लखन लाल अग्रवाल, प्रमोद खरे, किरण मिश्रा, प्रतीक्षा अर्जरिया नीतू सिंह एवं कल्पना चौरसिया सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम का संचालन अजय चतुर्वेदी द्वारा प्रभावी एवं सुव्यवस्थित रूप से किया गया। अंत में संगम सेवालय के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। संगम सेवालय द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समाज को पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि लोगों को व्यवहारिक स्तर पर जोड़कर एक सकारात्मक परिवर्तन लाना है।










