Home डेली न्यूज़ बुंदेलखंड ब्राह्मण सेना ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

बुंदेलखंड ब्राह्मण सेना ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

17
0
Jeevan Ayurveda

छतरपुर। प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिषपीठाधीश्वर पूज्यपाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के साथ कथित दुव्र्यवहार और उनके बटुक शिष्यों तथा वृद्ध संन्यासियों पर हुए मारपीट के विरोध में बुंदेलखंड ब्राह्मण सेना ने बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने इस घटना को सनातन धर्म की परंपराओं पर गहरा आघात बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर छतरपुर को सौंपा है।ज्ञापन में बुंदेलखंड ब्राह्मण सेना ने मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई इस घटना को अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेला प्रशासन ने सनातन धर्म ध्वजवाहक शंकराचार्य जी को संगम स्नान से रोका, उनके शिष्यों की शिखा पकड़कर मारपीट की गई, अपमानजनक व्यवहार किया गया और बल प्रयोग किया गया। यह कार्य धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकारों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का घोर उल्लंघन है, जिससे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को ठेस पहुंची है।ज्ञापन में कहा गया है कि माघ मेला जैसे पवित्र आयोजन में साधु-संतों का सदैव सम्मान रहा है, लेकिन इस बार प्रशासन की असंवेदनशीलता और धार्मिक असहिष्णुता सामने आई। यदि शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज में व्यापक आक्रोश फैल सकता है।बुंदेलखंड ब्राह्मण सेना ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए। भविष्य में साधु-संतों, धर्माचार्यों और उनके शिष्यों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मेला प्रशासन पूज्य शंकराचार्य जी एवं उनके शिष्यों से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना कर उनकी प्रतिष्ठा बहाल करे। संगठन ने पूर्ण विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेकर सनातन परंपराओं की गरिमा और आस्था की रक्षा करेंगे।

Ad
Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here