चित्रकूट। निस। चित्रकूट नगर परिषद द्वारा लोधी राजपूत सिंगरौल धर्मशाला को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किए जाने से क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। धर्मशाला समिति ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के माननीय मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जी से मुलाकात की जिसमें मंत्री जी ने विधायक चित्रकूट श्री गहवार साहब से सार्थक चर्चा की। धर्मशाला के अध्यक्ष श्री नंदपाल सिंह लोधी द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है, कि लोधी राजपूत सिंगरौल धर्मशाला चित्रकूट के कामतानाथ क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग स्थित पीली कोठी के पास स्थित है। धर्मशाला का निर्माण वर्ष 1951 में प्रारंभ होकर 1952 में पूर्ण हुआ था। उस समय न तो नगर परिषद अस्तित्व में थी, और न ही निर्माण के लिए किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता होती थी। धर्मशाला की बाउंड्री लगभग एक एकड़ भूमि में फैली हुई है, जो पूर्णतः स्वत्व (निजी स्वामित्व) की भूमि है।
पत्र में यह भी बताया गया है कि बाद के वर्षों में भूमि का विधिवत सीमांकन कराकर नगर पालिका की अनुमति से बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद नगर परिषद चित्रकूट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा दिनांक 19 दिसंबर 2025 को जारी अतिक्रमण नोटिस में परिक्रमा मार्ग में अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए समाधान न होने की स्थिति में चार फुट क्षेत्र में बने दो मंजिला भवन को गिराने की चेतावनी दी गई है।
धर्मशाला समिति का कहना है कि उनका भवन कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा के विपरीत दिशा में अपनी स्वत्व की भूमि पर स्थित है। वास्तविक अतिक्रमण कामदगिरि पर्वत की तलहटी में हुआ है, जहां कुछ लोगों द्वारा मंदिर, भवन एवं अन्य धर्मशालाओं का निर्माण कर लिया गया है, इसी अतिक्रमण को बचाने के लिए ये नोटिस जारी किया गया है, इन्हीं अतिक्रमणों के कारण परिक्रमा मार्ग को धर्मशाला की ओर खिसका दिया गया है, जिससे मार्ग की चौड़ाई मापने पर चार फुट का हिस्सा धर्मशाला की ओर दिखाया जा रहा है, और उसे अतिक्रमण बताया जा रहा है। समिति ने स्पष्ट किया है कि धर्मशाला द्वारा किसी भी प्रकार से परिक्रमा मार्ग का अतिक्रमण नहीं किया गया है तथा भवन पूरी तरह वैध एवं निजी भूमि पर निर्मित है। ऐसे में स्वत्व की भूमि पर बनी सामाजिक धर्मशाला को अतिक्रमण मानकर गिराया जाना अनुचित है।
अध्यक्ष श्री नंदपाल सिंह लोधी ने शासन से मांग की है कि कामदगिरि पर्वत की तलहटी में किए गए वास्तविक अतिक्रमणों को हटाया जाए, न कि वर्षों से स्थापित सामाजिक एवं धार्मिक उपयोग में आने वाली धर्मशाला के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने मंत्री महोदय से इस प्रकरण में न्यायोचित निर्णय लेकर धर्मशाला को संरक्षण प्रदान करने का अनुरोध किया है।
51 कुंडीय महायज्ञ में समाजजनों की सहभागिता
इसी क्रम में चित्रकूट स्थित लोधी धर्मशाला परिसर में आयोजित 51 कुंडीय महायज्ञ में समाज के गणमान्य लोगों ने शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया। महायज्ञ में लोधी धर्मशाला चित्रकूट के अध्यक्ष श्री नंदपाल लोधी, राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा के जिला अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर सिंह लोधी, कांग्रेस नेता श्री गिरधारी बाबू जी, श्री अंगद लोधी, श्री उदयचंद अज्ञानी (गायत्री परिवार), सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी श्री रामशरण सिंह लोधी तथा श्री गोविंद सिंह लोधी सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे।
इस प्रकरण को लेकर समाज में रोष व्याप्त है तथा स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हुई हैं।










