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भारत की प्रथम महिला शिक्षिका के संघर्षों को नाटक से किया गया जीवंत

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ईशानगर। नारी शिक्षा की अग्रदूत और देश की प्रथम महिला शिक्षिका की जयंती शनिवार को ग्राम पहाडग़ांव में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। विद्यालयीन बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नाटकों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध उनके संघर्षमयी जीवन की जीवंत प्रस्तुति दी, जिससे उपस्थित जनसमुदाय भावुक हो उठा।पहाडग़ांव के गढिय़ा गुरार मोहल्ले में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच प्रतिनिधि अरविंद सिंह बुंदेला और जनपद सदस्य बबलू पाठक उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा की अलख जगाई। कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव अमित, डॉ. राजेंद्र सिंह भटनागर, अधिवक्ता एल.पी. कुशवाहा, संजू कुशवाहा, निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश रैकवार, इंद्रपाल अहिरवार, प्रेमलाल कुशवाहा, रज्जू कुशवाहा, खेमचंद, भगवान दास रैकवार, अखिलेश कुशवाहा और रामप्यारी अहिरवार सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। बच्चों द्वारा किए गए गायन और नाटकों की सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

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