छतरपुर। जिला मुख्यालय के गांधी आश्रम में शनिवार को छतरपुर के स्वर्गीय पत्रकार ओमप्रकाश तिवारी की 13वीं पुण्यतिथि सादगी और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों ने उनके जीवन संघर्ष और निर्भीक लेखन को याद करते हुए उन्हें युवा पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक बताया। वहीं पत्रकारिता के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से समाज हित में एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।स्थानीय गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार अजय दोसज और अन्य सहयोगियों ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्री तिवारी न केवल छतरपुर बल्कि पूरे प्रदेश स्तर पर अपनी जुझारू पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने समाज के वंचित वर्ग के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और कभी भी अपनी कलम से समझौता नहीं किया। पत्रकारों ने चर्चा के दौरान कहा कि आज के समय में जब पत्रकारिता के मूल्यों में बदलाव आ रहा है, तब श्री तिवारी जैसे निष्पक्ष और लेखन में समृद्ध पत्रकारों की कमी खलती है। वहीं अन्य पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत श्री तिवारी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि युवा पत्रकार उनके पदचिन्हों पर चलकर उनसे सीखें। दिवंगत श्री तिवारी के जीवन से यह ज्ञात होता है कि संघर्षपूर्ण पत्रकारिता कैसे की जाती है। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में छतरपुर जिले में पत्रकारिता को एक नया आयाम दिया। इस अवसर पर, पत्रकारिता जीवन के संघर्ष को समझना चाहिए। इस कला में ओमप्रकाश तिवारी की भी झलक थी। छतरपुर में पत्रकारिता जगत में स्वर्गीय श्री तिवारी का हमेशा एक अलग ही स्थान रहा है।










