मंगलवार को एक किसान ने अपनी गुम हुई भैंसों की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पीडि़त का आरोप है कि उसने अपनी गुम हुई भैंसों को एक अन्य व्यक्ति के पास बँधा हुआ देखा, लेकिन स्थानीय थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया और आरोपी का पक्ष लिया। इतना ही नहीं, पुलिस पर रिश्वत मांगने का भी आरोप है।ग्राम गोपालपुरा निवासी वासू भील ने बताया कि उसने अपनी 6 भैंसों को चराई पर छोड़ा था, जो शाम तक वापस नहीं लौटीं। वासू ने आरोप लगाया कि खोजबीन के बाद वह शाहगढ़ थाना गया था लेकिन पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज करने के बजाय केवल आवेदन लिया और तलाश का आश्वासन दिया। छह माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच वासू ने अपनी तलाश जारी रखी और ग्राम बरतला में पप्पू सरार के घर पर उसी हुलिए की चार भैंसें बंधी हुई देखीं। जब वासू ने उन्हें वापस माँगा तो पप्पू ने भैंसें अपनी बताकर गाली-गलौज की। वासू का आरोप है कि शाहगढ़ पुलिस अब यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि पहले दिए आवेदन में हुलिया नहीं लिखा था। साथ ही, उसने पुलिस पर रिश्वत लेकर पप्पू का पक्ष लेने और भैंसें दस्तयाब करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीडि़त ने एसपी से मांग की है कि उसकी बची हुई चार भैंसें दस्तयाब कराई जाएँ और आरोपी पप्पू सरार पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।









