छतरपुर। राजनगर क्षेत्र अंतर्गत केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत ढौढन-पलकौहा बांध मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने के दौरान बरद्वाहा और टपरन गांव के एक सैकड़ा से अधिक गरीब किसानों की हरी-भरी फसलें जेसीबी से उजाड़ दी गईं। एनसीसी कर्मचारियों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस या मुआवजा दिए की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।किसानों का कहना है कि वे पीढिय़ों से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं, परंतु परियोजना कार्य के नाम पर उनकी मेहनत की फसलें कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दी गईं। इस अन्याय के खिलाफ किसान महिलाएं और बच्चे लेकर सड़क पर उतर आए और विरोध जताया।किसान रामलाल पटेल ने बताया कि उनकी खेतों की फसलें और चारों ओर की तारबंदी जेसीबी से उखाड़ दी गई, जिससे जानवरों ने फसलों को नुकसान पहुंचा दिया। लखन विश्वकर्मा ने कहा कि उनके पास पट्टा और समग्र दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें कोई नोटिस या मुआवजा नहीं मिला। जब उन्होंने विरोध किया, तो कर्मचारियों ने धमकाया कि यदि आवाज उठाई तो पूरी फसल उजाड़ दी जाएगी। किसान तुलसीदास पटेल, कृपाल पाल, अलमा पाल, बिंद्रावन और महेश पटेल सहित अन्य किसानों ने बताया कि झमटुली से काबर रोड जोडऩे के लिए सड़क चौड़ीकरण के दौरान फसलें नष्ट की गईं। अब उनके पास खाने तक का अनाज नहीं बचा है। किसानों ने सरकार से तत्काल राहत राशि और उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि उनके परिवारों के सामने खड़ी आर्थिक संकट की स्थिति को दूर किया जा सके।










