ईशानगर। दीपावली पर्व पर ईशानगर क्षेत्र के ग्राम बौड़ा में बुंदेलखंड की परंपरागत दिवारी एवं मोनिया नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंगलवार को करधैयाँ सरकार मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।इस अवसर पर महामंडलेश्वर दीनबंधु दास महाराज ने कहा कि दिवारी और मोनिया नृत्य केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की वीरता, लोकजीवन और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक है। उन्होंने कहा कि ऐसी लोक परंपराएँ हमारे समाज की जड़ों को मजबूत करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं। कार्यक्रम में ग्राम पठादा से आए रंगी मोनिया मंडल के कलाकारों ने करधैयाँ सरकार मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और फिर ढोलक की थाप एवं लाठियों की टकराहट के बीच पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों के जोश और समर्पण से पूरा वातावरण गूंज उठा। युवाओं ने पारंपरिक युद्ध कौशल का भी प्रदर्शन किया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। इस अवसर पर सीताराम यादव, गीता यादव, नोनी बाई यादव, आशा सिंह, नथ्थू यादव, मखन चदर, किशोरा चढ़ार, जगदीस यादव, रेंजद चढ़ार, बालकिशुन पाल, ठाकुर दास यादव, नंदू प्रजापति, आशा यादव माते सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।









