खजुराहो। नगर परिषद राजनगर क्षेत्र में सीवर लाइन निर्माण कार्य में ठेकेदारों द्वारा की जा रही थी। गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं में कोई सुधार नहीं हो रहा जिससे नगर परिषद अध्यक्ष जीतू वर्मा ने एक बार फिर से नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि सीवर निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर सवाल उठाए साथ ही बताया कि निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा न तो निर्माण स्थल पर बेरीकेटिंग नहीं की जाती जिससे नागरिकों को परेशान होना पड़ता है। बेरीकेटिंग के अभाव में नव निर्माण से लोगों के दुपहिया, तीन पहिया तथा चार पहिया वाहन बेरोकटोक निकल जाते हैं साथ ही जानवर भी निकल जाते है जिससे सड़क में गड्ढे बन जाते हैं, जिससे नवनिर्मित सड़क भी खराब हो जाती है, साथ ही सड़क निर्माण में गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी वह जिम्मेदारों से निर्माण कार्य में सुधार हेतु बार बार अनुरोध कर चुके हैं, सुधार न होने की स्थिति में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से दर्जनों बार पंचनामा बनवाकर लगातार शिकायतें की। उक्त मामले में ठोस कार्यवाही नहीं होने पर नगर परिषद अध्यक्ष जीतू वर्मा ने 28- 04-2025 को जिले में आयोजित जिला विकाश समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार से की थी जिसे केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही कलेक्टर पार्थ जैसवाल को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया था,जिस पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर रिपोर्ट मांगी है। उक्त जांच दल ने दिनांक 07- 05- 2025 दिन सोमवार को दोपहर 2 बजे राजनगर पहुंचकर सीवर निर्माण कार्य की मौके पर जांच की। इस दौरान जांच दल में शामिल पीडब्ल्यू कार्यपालन यंत्री आर.के.शुक्ला तथा एसडीएम छतरपुर अखिल राठौर ने सीवर निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और जानबूझकर की गई अनियमितताओं को देखकर मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसियों के जिम्मेदारों को डपटते हुए जमकर फटकार लगाई। इस दौरान नप अध्यक्ष जीतू वर्मा ने नगरवासियों के माध्यम से जांच दल को समस्याओं से अवगत कराया, लोगों को जांच दल के सदस्यों ने कार्यवाही हेतु आश्वासन भी दिया। गौरतलब है कि नगर परिषद क्षेत्र राजनगर में शासन की योजना के तहत 32करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से सीवर प्रोजेक्ट निर्माण कार्य किया जा रहा है। उक्त निर्माण कार्य 28-04 -2023 से शुरू होकर 28-06- 2026 को पूर्ण किया जाना निर्धारित है।









