मंगलवार को एक जर्मन एनआरआई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर अपने चार सगे भाइयों पर पैतृक संपत्ति और पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। आवेदक का कहना है कि भाइयों ने योजना बनाकर उसके साथ छल किया और लाखों रुपये ऐंठ लिए। एनआरआई ने निष्पक्ष जांच और क्षतिपूर्ति की मांग की है।
मूलत: ओरछा रोड थना क्षेत्र के ग्राम गौरगांय के रहने वाले सुरेश कुमार रिछारिया ने बताया कि वह 1990 से जर्मनी में रहते हैं और वहां की नागरिकता के साथ ओसीआई कार्ड धारक हैं। उनके पैतृक गांव गौरगांय में पैतृक संपत्ति है। सुरेश के मुताबिक उसके सगे भाई वीरेंद्र रिछारिया, महेश रिछारिया, ब्रजेश रिछारिया और रविन्द्र रिछारिया ने संगठित रूप से योजना बनाकर उनकी संपत्ति हड़प ली है। वर्ष 2002 में एक भाई ने फोन पर बताया कि गौरगांय में उनके हिस्से की जमीन पर धर्मशाला बनानी है, जो उनकी ही रहेगी। इसके लिए उन्होंने पैसे मांगे, जिस पर सुरेश ने खजुराहो के एसबीआई एनआरआई खाते में पैसे डाले। जुगल गुप्ता, निवासी छतरपुर ने उनके हस्ताक्षरित चेक से पैसे निकालकर भाइयों को दिए। इस पैसे से 32 कमरों वाली धर्मशाला बनाई गई, लेकिन बाद में पता चला कि यह उनके हिस्से की जमीन पर नहीं, बल्कि शामिल नंबरों पर बनी है। इसके अलावा, गोदाम निर्माण के बहाने 12 लाख रुपये भी ऐंठे गए। सुरेश ने मांग की है कि आरोपियों पर उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उनकी क्षति की पूर्ति कराई जाए।









