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टीकमगढ़ में चंदेलकालीन तालाबों की दुर्दशा सुधारने से बुंदेलखंड में खुशहाली संभव-केके श्रीवास्तव तालाब अतिक्रमण मुक्ति एवं जल संरक्षण अभियान 4 अगस्त से होगा शुरू

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टीकमगढ़। जिले के चंदेलकालीन तालाबों की दशा को सुधारने की आज बहुत ही जरूरत है। इसके साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए प्राकृतिक सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है। गांव-गांव और कस्वाई इलाकों में बनाए गए तालाबों को बेहतर बनाए जाने एवं जिले के विकास की दिशा में प्रयास किए जाते रहे हैं। आस्था और सेवा का यह संगम जिले की तस्वीर बदलने में सहायक होगा। तालाब अतिक्रमण मुक्ति के लिए जरूरी है कि तालाब का भराव क्षेत्र बढ़ाया जाए। जब तालाब का भराव अधिक होगा, तो अतिक्रमण स्वत: ही हट जाएगा। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर ही इन दिनों बेहतर कार्य किया जा रहा है। सावन माह से शुरू होने वाला यह अभियान पूरे एक साल तक चलेगा। यह विचार पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने व्यक्त किए।
स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने तालाब अतिक्रमण मुक्ति एवं जल संरक्षण अभियान के संबन्ध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि विगत 15 वर्षों से कावड़ यात्रा के माध्यम से जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता रहा है। आगामी चार अगस्त से एक बार फिर यह यात्रा आरंभ की जा रही है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी 4 अगस्त 2025 को नन्ही टेहरी पंचायत के मडखरा तालाब से प्रात: 10: 30 बजे पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं अभिषेक के साथ यह अभियान शुरू किया जाएगा। 4 अगस्त को ही दोपहर 3: 00 बजे कुंडेश्वर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह यात्रा दीर्घकालीन है, जो इस सावन माह से प्रारंभ होकर अगले श्रावण मास तक विभिन्न सात चरणों में होगी । श्री श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा लक्ष्य धार्मिक आस्था के साथ ही टीकमगढ़ जिला को पानी उपलब्ध कराना है। जलस्तर बढ़े इसलिये जिला एवं टीकमगढ़, बड़ागांव तहसील के सभी चंदेल कालीन एवं बुन्देली तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराना, उनकी फीडर लाइनों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनका गहरीकरण कराना है तथा स्थानीय लोगों को उक्त तालाबों के साथ धार्मिक आस्था के साथ जोडऩा है। श्रावण मास में श्री गणेश करके हमारा प्रथम चरण अनुसंधान का होगा, जिसमें तालाबों की भौतिक स्थिति, मूल रकवा और उसकी फीडर लाइनों की खोज करना है। उसके बाद प्रत्येक चरण में 11 तालाब लिए जाएंगे। इस तरह जिले के कम से कम 66 तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त किया जा सकेगा। कहा गया है कि प्रत्येक चरण में 11-11 तालाबों को चिन्हित कर वहां के स्थानीय निवासियों को तालाब संरक्षित करने, उसे गाँव की पूंजी बनाने, प्रेरित करने के लिये धार्मिक आस्था से जोडऩे पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक किया जायेगा तथा प्रशासन से अतिक्रमण मुक्त कराने एवं फीडर लाइनों को गहरा कराने का आग्रह किया जायेगा । हमारा अभियान टीकमगढ़ में जल स्तर बढ़ाने की दिशा में है। लोगों से अपील है कि आप स्वयं आंगे आये और पानीदार बनें । जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग, जनपद और जिला पंचायतों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण होगी । उन्होंने नगरवासियों एवं ग्रामीणों से इस अभियान रूपी यज्ञ में अपनी आहुति देने की अपील की है।
मिनौरा में बने गौ-अभ्यारण्य-
इस अवसर पर महंत श्री सीताराम दास जी धजरई ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए गौ संरक्षण एवं संवद्र्धन के लिए उचित कदम उठाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिनौरा में गौ अभ्यारण्य खोले जाने से गौ पालन ठीक से हो सकेगा। उन्होंने गौ माता की वर्तमान में स्थिति पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर आना चाहिए। चुनाव के बाद सभी को मिलकर अपने क्षेत्र के विकास एवं जनता के हितों के बारे में सोचना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि गौ शालाओं की दशा को सुधारे जाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव, पूर्व पार्षद अरविंद श्रीवास्तव, सुनील होंडा, राज कुमार पाठक, अब्बास खान, पुष्पेन्द्र सिंह, चंद्र प्रकाश पटैरिया, राकेश दीक्षित, रामेश्वर यादव, बलवंत यादव, अरूण तिवारी पिट्टे महाराज, महेश यादव, मुन्नी लाल यादव, शैलेन्द्र अवस्थी, विज्ञान नायक, समस्त कांवड़ एवं पर्यावरण आयोजन समिति सदस्य मौजूद रहे।

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