बकस्वाहा। क्षेत्र के देवपुर गांव में सात साल की रितिका की सर्पदंश से दर्दनाक मौत हो गई। गरीबी के कारण कच्चे मकान में रहने को मजबूर परिवार और अंधविश्वास के चलते समय पर इलाज न मिलने से मासूम की जिंदगी चली गई। इस घटना ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और सरकारी योजनाओं की नाकामी को उजागर किया है।
प्राप्त जानकारी के मुताकिब गुरुवार की रात करीब 2 बजे देवपुर निवासी दिनेश लोधी की बेटी रितिका को सांप ने काट लिया। परिजन उसे स्थानीय डॉक्टर और फिर बगाज माता के पास ले गए, लेकिन रितिका ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को बकस्वाहा में शव का पोस्टमार्टम हुआ। दिनेश ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की दो किस्तें मिलने के बावजूद तीसरी किस्त न मिलने से उनका मकान कच्चा रह गया, जहां सांपों का खतरा बना रहता है। डॉ. सत्यम असाटी ने कहा कि अंधविश्वास के कारण लोग झाड़-फूंक में समय गंवाते हैं, जबकि तुरंत अस्पताल पहुंचने से जिंदगी बच सकती है। रितिका की मौत ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता की कमी को उजागर किया। रितिका के पिता दिनेश लोधी ने बताया कि कच्चे मकान में रहने के कारण सांप और कीड़े आना आम बात है।










