छतरपुर। जिले के गौरिहार में पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए स्थानीय सरपंच ने जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा है। सरपंच ने आरोप लगाया कि प्राचार्य द्वारा शाला विकास समिति की बैठक किए बिना और उसकी अनुमति के बिना राशि का आहरण किया जा रहा है। साथ ही, गरीब छात्र-छात्राओं से स्वेच्छा अनुदान के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। यह भी आरोप है कि प्राचार्य की मनमानी पर कोई रोक-टोक नहीं है, जबकि स्कूल परिसर में ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का कार्यालय संचालित हो रहा है।
गौरिहार के सरपंच भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को जनसुनवाई में एसडीएम गौरिहार को ज्ञापन सौंपकर पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य की मनमानी का मुद्दा उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि प्राचार्य दबंग और स्थानीय होने के कारण न तो सरपंच की बात मानने को तैयार हैं और न ही आम जनता की शिकायतों पर ध्यान दे रहे हैं। सरपंच ने बताया कि पीएम श्री स्कूल होने के कारण शासन से पर्याप्त राशि प्राप्त होती है, फिर भी गरीब छात्र-छात्राओं से स्वेच्छा अनुदान के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। शाला विकास समिति की बैठक कभी आयोजित नहीं की जाती, जबकि नियमों के अनुसार समिति की अनुमति के बिना राशि का आहरण नहीं किया जा सकता। सरपंच ने आरोप लगाया कि प्राचार्य अपनी मनमर्जी के मालिक बने हुए हैं और नियम-कानून को ताक पर रखकर छात्र-छात्राओं को लूट रहे हैं। यह भी बताया गया कि प्राचार्य दो माह बाद अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिसके चलते वे शासन से प्राप्त राशि और स्वेच्छा अनुदान की राशि को ठिकाने लगाने में जुटे हैं। सरपंच ने यह भी सवाल उठाया कि स्कूल परिसर में ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का कार्यालय संचालित होने के बावजूद प्राचार्य की मनमानी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्राचार्य की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि गरीब छात्र-छात्राओं को लूट से बचाया जा सके।









