
टीकमगढ़। पत्रकारों के दु:ख दर्द में हमेशा साथ खड़ा रहना और उनकी हरसंभव मदद करना विष्णु भाई का स्वभाव रहा है। उन्होंने हमेशा सत्य का साथ दिया। पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं का उन्होंने डटकर मुकाबला किया। उनके निधन से सभी को गहरा आघात लगा है। उनके निधन से पत्रकारों के बीच जो रिक्तता आई है, उसे भर पाना संभव नहीं है। यह विचार वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल नायक ने विष्णु दयाल श्रीवास्तव के निधन पर अयोजित शोक सभा के दौरान व्यक्त किए। बताया गया है कि स्थानीय नजरबाग परिसर में पत्रकार विष्णु दयाल श्रीवास्तव को श्रद्धा सुमन अर्पित करने एक शोक सभा आयोजित की गई। वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप खरे की अध्यक्षता में आयोजित सभा के दौरान सभी पत्रकारों ने पत्रकार बिष्णु दयाल श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया। पत्रकार प्रदीप खरे ने कहा कि बिष्णु दयाल श्रीवास्तव उनके परिवार का हिस्सा रहे। बचपन से ही वह उनके लाड़ले रहे। राजनीति से लेकर पत्रकारिता तक का सफर उनके सानिध्य में गुजरा। वह सत्य के लिए संघर्ष करने वाले थे। निडर और निर्भीक पत्रकारिता के पर्याय रहे। युवा पत्रकारों को हमेशा उन्होंने मार्गदर्शन किया। इसके साथ ही उनमें कमाल की नेतृत्व क्षमता रही। इस अवसर पर पत्रकार अकरम खान, मेहबूब खान, जमील खान, गिरीश खरे, अवधेश वर्मा, हरिश्चंद्र्र यादव, अखंड प्रताप यादव, सोनू विश्वकर्मा, लोकेन्द्र सिंह, समीर खान, परशुराम प्रभाकर, विकास राय, अफसर खान, राकेश सोनी, बालचंद शुक्ला, शेख हनीफ, दुर्गसिंह घोष, मोहसिन, राजेन्द्र श्रीवास्तव, सुधीर जैन, नरेन्द्र सिंह, गोबिंद विश्वकार्मा, शालिम, सत्तार बाबा, गंदर्भ सिंह, प्रमोद झा, राजेश यादव, सुधीर पटैरिया, मनोज सिंह, मनोज खरे सहित अनेक पत्रकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पत्रकारों ने बिष्णु दयाल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान पत्रकारों ने श्री श्रीवास्तव की शान-ए-पार्क में प्रतिमा लगाए जाने की मांग की। जिसका एक स्वर से सभी ने समर्थन किया। श्रद्धांजलि सभा के पश्चात सभी ने पत्रकार स्वर्गीय बिष्णु दयाल के निवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। शोक संतृप्त परिवार को धीरज बंधाया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जंप संगठन के जिलाध्यक्ष अभय मार्य ने पत्रकार बिष्णु दयाल के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया और उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाकर बिष्णु जी के सपनों को साकार करने का भरोसा दिलाया।








