
टीकमगढ़। जिला पंचायत टीकमगढ़, जनपद पंचायत टीकमगढ़, जनपंद पंचायत बल्देवगढ़, पलेरा, जतारा, पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग सहित पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों में की जा रही मनमानी और लापरवाही ने जहां आम जनता की परेशानियों को बढ़ाया है, वहीं कई विभाग प्रभारियों के भरोसे चलते आ रहे हैं। जिले में बढ़ती अफसरशाही और राजस्व विभाग में पनपते भ्रष्टाचार को लेकर लोगों की नाराजगी बनी हुई है। शासन द्वारा चलाए जा रहे अनेक कार्यक्रम फाइलों में ही दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों के बीच चले आ रहे याराना ताल्लुकात का खामियाजा भी आवाम भुगत रही है। विधानसभा चुनावों में इन तमाम गड़बडिय़ों का असर देखने को भी मिला। चुनावी हार के बाद भी सत्ता के सूरमाओं ने सबक नहीं लिया और सब कुछ पुराने ढर्रें पर चलता दिखाई देने लगा है। दलाली और कमीशनखोरी ने जिले के गरीब और कमजोर तबके के लोगों की हालत बेहाल कर रखी है। ऐसे में एक बार यहां फिर सीएम के दौरे को गंभीरता से लिया जा रहा है। सीएम को आवाम से दूर रखने और जनता की आवाज उन तक न पहुंचने देने की तैयारियां पहले से ही कर ली गई हैं। अधिकारियों को भी भीड़ जुटाने की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिन्हें वह बखूबी निभाते नजर आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिले के महिला बाल विकास, शिक्षा विभाग, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अनेक विभागों के अधिकारी इस दौरे को कामयाब करने में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ते नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 22 दिसंबर को टीकमगढ़ जिले के दौरे पर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के अपर सचिव चंद्रशेखर वालिंबे ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। मुख्यमंत्री रविवार को दोपहर 3:45 बजे जतारा के बेरवार के पास कार्यक्रम स्तर पर पहुंचेंगे। सीएम डॉ यादव किसान सम्मेलन और जन कल्याण शिवर में लोगों को संबोधित करेंगे। अब देखना है कि मलाईदार पदों पर बैठे प्रभारी अधिकारियों एवं दलाली और कमीशनखोरी में लिप्त अफसरों को हटाने तथा जिले की तस्वीर बदलने तथा प्रशासनिक अमले को दुरूस्त करने में सरकार के मुखिया कहां तक कामयाब होते हैं। उम्मीद की जा रही है कि सीएम मोहन यादव का यह दौरा जिले की जनता के नजरिये से महत्वपूर्ण साबित होगा। यहां बता दें कि टीकमगढ़ और खरगापुर विधानसभा सीट पर मिली करारी हार के बाद टीकमगढ़ जिले की जतारा विधानसभा सीट ऐसी इकलौती सीट है, जो बीजेपी के पाले में गई है। टीकमगढ़ जिले से अब तक इस बार कोई भी मंत्री नहीं है। ऐसे में संगठन के महत्वपूर्ण पद पर बैठे विधायक हरिशंकर को सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। देखना है कि पूर्व में भी मंत्री रह चुके हरिशंकर सरकार पर इस दौरे के दौरान किस कदर अपना दवाब बनाने में कामयाब होते हैं।
कलेक्टर ने दी दौरे की तैयारियों की जानकारी-
कलेक्टर अवधेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर बृहद स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया गया था। जिसमें केन बेतवा लिंक परियोजना सहित जन कल्याण शिविरों की प्रगति पर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए। ग्राम पंचायत कलरा में जागरूकता शिविर आयोजन के दौरान उन्होंने बताया कि जिले में जन जागरूकता शिविर लगाकर लोगों को केन बेतवा लिंक परियोजना से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी जा रही है। आज ग्राम पंचायत कलरा में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत सिंचाई, पेयजल और जल उपलब्धता के बारे में जानकारी दी जाएगी।
131 गांवों को होगा केन-बेतवा परियोजना का लाभ-
इससे होने वाले आर्थिक और सामाजिक विकास पर आधारित विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से टीकमगढ़ जिला सहित बुंदेलखंड की तकदीर बदलेगी। जिले के दिगौड़ा, जतारा, लिधौरा और पलेरा तहसील के 131 गांव लाभान्वित होंगे।








