
कांग्रेस कार्यालय में बैठक के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों धमौरा में हुई प्राचार्य ही हत्या पर शोक व्यक्त करने उनके घर पहुंचे। दिवंगत प्राचार्य के घर पहुंचे जिला प्रभारी एवं डबरा विधायक सुरेश राजे, सह प्रभारी दिग्विजय सिंह गौर अम्मू राजा और पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी ने घटना पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि छतरपुर सहित पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है जबकि गृह मंत्रालय खुद मुख्यमंत्री के पास है लेकिन अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितनी घटनाएं पिछले 5 साल में पूरे प्रदेश में नहीं हुईं, उतनी घटनाएं पिछले दिनों सिर्फ छतरपुर जिले में देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि शांति का टापू कहा जाने वाला मध्यप्रदेश, आपराधिक राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि चूंकी प्राचार्य श्री सक्सेना की हत्या उनके कार्यस्थल पर की गई है, इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। पीडि़त परिवार को सांत्वना देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले को हम विधानसभा तक ले कर जाएंगे। दु:खद बात यह है कि जिस विभाग के लिए प्राचार्य श्री सक्सेना काम कर रहे थे, उसी विभाग ने पूरे प्रकरण में नकारात्मक रवैया अपना रखा है, जो कि विभाग पर सवाल खड़े करने वाली बात है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने जिला अस्पताल पहुंचकर पिछले दिनों बिजावर जनपद उपाध्यक्ष के पति द्वारा की गई मारपीट का शिकार हुए राजबहादुर सिंह गौड़ से भी मुलाकात कर, उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।








