खजुराहो। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के खजुराहो के शिल्पग्राम मुक्ताकाशी मंच पर तेलंगाना के पिल्लुटला प्रसाद एवं समूह द्वारा तेलुगु भाषा में छिन्दु यक्षगान की शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने सराहा इसके बाद मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड की बुंदेली भाषा में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर महाराष्ट्र के खजुराहो स्थित शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी मंच पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर भारत सरकार की निदेशक आस्था कार्लेकर ने पत्रकार आनंद अग्रवाल, समाजसेवी सुरेन्द्र सिंह राजपूत की मौजूदगी में द्वीप प्रज्ज्वलन करके किया और मंच से कलाकारों और अतिथियों का शॉल श्रीफल से स्वागत किया गया। इस मौके पर शिल्पग्राम विभाग के भूपेन्द्र सिंह,कलाकार राजेन्द्र सिंह सेंगर सहित लोग शामिल रहे कार्यक्रम का संचालन राजू सिंह चौहान ने किया। गौरतलब है कि दिनांक 6 से 20 जनवरी 2026 के दौरान शिल्पग्राम परिसर में रामायण-आधारित लोक नाट्य संगीत की लय से लेकर पृष्ठभूमि तक लोकनृत्य की मंच कला कार्यशाला का आयोजन किया गया था।उक्त कार्यशाला में तीन दर्जन से ज्यादा स्थानीय कलाकारों ने भाग लिया जिसका उद्देश्य रामायण-आधारित लोक एवं जनजातीय प्रदर्शन परंपराओं का विकास एवं प्रस्तुतीकरण करके प्रतिभागियों को नाट्य रूपांतरण, संगीत, नृत्य और मंचीय प्रस्तुति की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया जिसे शामिल कलाकारों ने मंच पर बखूबी निभाया।आज हुई प्रस्तुतियों में रामायण-आधारित लोक नाट्य रूपों के चित्रण प्रदर्शन ने दर्शकों को पारंपरिक लोक नृत्य, संगीत और नाट्य कला का अद्वितीय संगम देखने मिला कार्यशाला एवं प्रस्तुतियों का मार्गदर्शन लोकेन्द्र त्रिवेदी (विशेषज्ञ) एवं श्रीमती निशा त्रिवेदी (सहायक) द्वारा किया गया।केन्द्र की निदेशक आस्था कार्लेकर ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करते हैं साथ ही दर्शकों को अन्य प्रदेशों की भाषाओं पर आधारित भारतीय लोक परंपराओं और रामायण की सांस्कृतिक गाथा से जोडऩे का माध्यम भी बनते हैं,उन्होंने कहा कि खजुराहो के शिल्पग्राम परिसर में आगे भी इस तरह के आयोजन होते रहेंगे।










