
छतरपुर। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। इंसान के थोड़े से रक्त से लोगों की जान बच जाती है। इसीलिए रक्तदान को सबसे बड़ा दान माना जाता है। आज बुधवार को जिला चिकित्सालय में भर्ती दो मरीजों को ब्लड की अत्यंत आवश्यकता थी, जब इसकी जानकारी छतरपुर भ्रमण के वैभव अग्रवाल एवं दीपक रैकवार को मिली तो उन्होंने सुमित अग्रवाल एवं प्रशांत पाठक से संपर्क किया। चूंकि जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में बी पॉजीटिव ब्लड नहीं था इसलिए मरीजों के परिजन परेशान हो रहे थे लेकिन सुमित अग्रवाल ने श्रीमती सरोज राजा को एवं प्रशांत पाठक ने हरीदत्त को रक्तदान कर उनकी जान बचाने का पुनीत कार्य किया है। मरीजों को रक्त मिलने से खुश उनके परिजनों ने वैभव अग्रवाल, दीपक रैकवार एवं रक्तदानी सुमित अग्रवाल एवं प्रशांत पाठक का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।








