
लवकुशनगर। लवकुशनगर को जिले बनाने की मांग लम्बे समय से चली आ रही है। बीते दो दशकों में सरकार बदली जनप्रतिनिधि बदले लेकिन क्षेत्र की जनता का लवकुशनगर को जिला बनाने का संघर्ष लगातार जारी रहा। मांग होने पर क्या भारतीय जनता पार्टी और क्या कांग्रेस सभी ने चुनावी वर्ष के समय इस मुद्दे को लेकर वोटबैंक की राजनीति भी की कि हमारी सरकार बनाने में हमारे जनप्रतिनिधि को जितायें और लवकुशनगर जिला बनायें और क्षेत्र की जनता भी लगातार इसी आशा में अपना वोट भी नेताओं के नाम करती रही पर आज भी लवकुशनगर को जिला बनाने की मांग को नेताओं के द्वारा शून्य स्थिति में डाल दिया जाता है।लवकुशनगर का अनुविभाग खनिज संसाधन से भरा है लेकिन उसका लाभ वहां के क्षेत्र की जनता को आज तक नही मिल पा रहा है। रेत और पहाड़ों का अवैध खनन भी लगातार जारी है। क्षेत्र तीन विधान सभाओ और कई जिलों की सीमा से घिरा है लवकुशनगर, छतरपुर, महोबा, पन्ना और बांदा से लगा हुआ है और राजनगर, चंदला, महाराजपुर विधानसभाओं में आता है लेकिन विकास के लिए आज भी अपने इंतजार में है।जिला लवकुशनगर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नितिन गुरु ने बताया कि हमारा रक्त संदेश पिछले दस दिनों से लगातार जारी है जिसमें क्षेत्र और नगर की जनता का भी साथ मिल रहा है और आने वाले समय में बड़े आंदोलन किये जायेंगे।








