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सीखने की कोई उम्र नही होती अत: प्रत्येक शिक्षक ताउम्र एक विद्यार्थी होता है: डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम

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श्री कृष्णा विश्वविद्यालय में शिक्षकों का किया गया सम्मान

छतरपुर। विश्वविद्यालय के सभागार में आज शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम, कुलसचिव विजय सिंह, विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक डॉ. बी.एस. राजपूत ने संयुक्त रूप से सरस्वती पूजन दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ राधाकृष्णन जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।सभागार में उपस्थित प्राध्यापकगणों को संबोधित करते हुए कुलाधिपति डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम ने कहा कि हमारे जीवन को आकार देने और बेहतर भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानने का यह प्रमुख दिवस है। शिक्षक हमें सीखने, बढऩे और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे हमारी पूरी शैक्षिक यात्रा में मार्गदर्शन, सहायता और प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। सीखने की कोई उम्र नही होती अत: प्रत्येक शिक्षक ताउम्र एक विद्यार्थी होता है। अनुभव ही सबसे अच्छा अध्यापक है। शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं। वे हमारे जीवन के पहले गुरु होते हैं, जो हमें केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन की सच्ची शिक्षा भी देते हैं। वे हमें सही और गलत का अंतर सिखाते हैं। वह हमें प्रेरित करते हैं। हमारे सपनों को पूरा करने के लिए हमें मार्गदर्शित करते हैं। उनका समर्पण और मेहनत ही हमारे भविष्य की नींव है। हमारे शिक्षकों का योगदान अमूल्य है। वे हर दिन हमें जीवन की महत्वपूर्ण बातें सिखाते हैं। इस विशेष दिन पर ही नही बल्कि हर क्षण हमें शिक्षकों के प्रति आदरभाव रखना चाहिए। और प्रत्येक शिक्षक का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रणति चतुर्वेदी ने एवं आभार हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी ने व्यक्त किया।

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